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Udham Singh Nagar News: सिंचाई विभाग की जमीन से हटाई 24 झोपड़ियां और दो मकान
Sun, 30 Nov 2025 12:47 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 30 Nov 2025 12:47 AM IST
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गूलरभोज में अतिक्रमण ताेड़ती जेसीबी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गूलरभोज। हरिपुरा जलाशय की द्वितीय बर्म को प्रशासन ने भारी फोर्स की मौजूदगी में मामूली विरोध के बीच अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया। एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में 24 झोपड़ियां और दो पक्के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।
शनिवार की सुबह भारी पुलिस फोर्स के साथ सिंचाई विभाग की टीम तीन जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंच गई थी। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से ठंडा नाला जाने वाले रास्ते को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर बंद कर वाहनों का आवागमन रोक दिया था। एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार लीना चंद्रा धामी के पहुंचने के बाद जेसीबी मशीनों ने घरों की संरचना को ढहाना शुरू कर दिया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया। इनको पुलिस फोर्स ने भगा दिया। प्रशासन ने दो घंटे के भीतर जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर दिया।
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इंसेट:
महिला पीएसी और आईआरबी रही मौजूद
गूलरभोज। अतिक्रमित क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने और किसी भी अनहोनी को रोकने की पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी थी। वहां डेढ़ प्लाटून महिला पीएससी, दो प्लाटून आईआरबी, डेढ़ सेक्शन पीएससी सहित खटीमा, पंतगर, गदरपुर, सरकरा, केलाखेड़ा, सितारगंज सहित कई थानों के डेढ़ सौ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। भारी पुलिस बल देखकर कोई भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
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-इंसेट:
दोबारा अतिक्रमण हुआ तो सिंचाई विभाग होगा जिम्मेदार : एसडीएम
गूलरभोज। एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि ठंडा नाला के पास हरिपुरा जलाशय की भूमि पर 26 लोगों ने लगभग 15 से 20 वर्षो से अवैध कब्जे कर रखे थे। इसको आज अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील है कि वह दोबारा कब्जा न करें। यदि किया जाएगा तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब सिंचाई विभाग को भी चाहिए कि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दे। अगर पुन: अतिक्रमण होने पर उसका जिम्मेदार खुद सिंचाई विभाग होगा।
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इंसेट:
दो बार नोटिस देकर कराई तीन बार मुनादी
गूलरभोज। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीएस डांगी ने बताया कि अतिक्रमित लोगों को दो बार नोटिस और तीन बार मुनादी कर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद भी अधिकांश लोगों ने अपने घर का सामान तो निकाल लिया था मगर घर की संरचना को नहीं हटाया था। इसको आज प्रशाशन की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया।
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फोटो लाइन 26 - अतिक्रमण ध्वस्त करती जेसीबी मशीन।
फोटो 27-ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध करती महिला।
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गूलरभोज। हरिपुरा जलाशय की द्वितीय बर्म को प्रशासन ने भारी फोर्स की मौजूदगी में मामूली विरोध के बीच अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया। एसडीएम और तहसीलदार की मौजूदगी में 24 झोपड़ियां और दो पक्के मकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।
शनिवार की सुबह भारी पुलिस फोर्स के साथ सिंचाई विभाग की टीम तीन जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंच गई थी। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से ठंडा नाला जाने वाले रास्ते को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर बंद कर वाहनों का आवागमन रोक दिया था। एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार लीना चंद्रा धामी के पहुंचने के बाद जेसीबी मशीनों ने घरों की संरचना को ढहाना शुरू कर दिया था। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया। इनको पुलिस फोर्स ने भगा दिया। प्रशासन ने दो घंटे के भीतर जमीन को अतिक्रमणमुक्त कर दिया।
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महिला पीएसी और आईआरबी रही मौजूद
गूलरभोज। अतिक्रमित क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने और किसी भी अनहोनी को रोकने की पुलिस ने पूरी तैयारी कर रखी थी। वहां डेढ़ प्लाटून महिला पीएससी, दो प्लाटून आईआरबी, डेढ़ सेक्शन पीएससी सहित खटीमा, पंतगर, गदरपुर, सरकरा, केलाखेड़ा, सितारगंज सहित कई थानों के डेढ़ सौ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। भारी पुलिस बल देखकर कोई भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सका।
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दोबारा अतिक्रमण हुआ तो सिंचाई विभाग होगा जिम्मेदार : एसडीएम
गूलरभोज। एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि ठंडा नाला के पास हरिपुरा जलाशय की भूमि पर 26 लोगों ने लगभग 15 से 20 वर्षो से अवैध कब्जे कर रखे थे। इसको आज अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। ग्रामीणों से अपील है कि वह दोबारा कब्जा न करें। यदि किया जाएगा तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब सिंचाई विभाग को भी चाहिए कि किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दे। अगर पुन: अतिक्रमण होने पर उसका जिम्मेदार खुद सिंचाई विभाग होगा।
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दो बार नोटिस देकर कराई तीन बार मुनादी
गूलरभोज। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीएस डांगी ने बताया कि अतिक्रमित लोगों को दो बार नोटिस और तीन बार मुनादी कर चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद भी अधिकांश लोगों ने अपने घर का सामान तो निकाल लिया था मगर घर की संरचना को नहीं हटाया था। इसको आज प्रशाशन की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया।
फोटो लाइन 26 - अतिक्रमण ध्वस्त करती जेसीबी मशीन।
फोटो 27-ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विरोध करती महिला।