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चालकों की मनमानी पर अनुबंधित बस मालिकों से रिकवरी होगी
Updated Sun, 29 Apr 2018 11:52 PM IST
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रुद्रपुर। परिवहन निगम में अनुबंधित बस चालकों की मनमानी अब बस मालिक पर भी भारी पड़ेगी। रोडवेज बसों को स्टॉपेज पर न रोकने और चालकों की अन्य मनमानी से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए प्रबंधन बस मालिक से रिकवरी करेगा। रुद्रपुर डिपो प्रबंधन ने सुल्तानपुर पट्टी स्टॉपेज पर बसें ने रोकने की शिकायत पर अनुबंधित बस मालिकों को यह चेतावनी दी है।
रुद्रपुर डिपो की 25 अनुबंधित बसों में छह एसी बसें हैं। इनमें से अधिकांश अनुबंधित बसें 50 फीसदी भी रूट का लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रही हैं। इससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दिल्ली और देहरादून रूट पर पड़ने वाले स्टॉपेजों पर चालकों की ओर से बसें न रोकने की शिकायत मिल रही हैं। डिपो प्रबंधन को सबसे अधिक शिकायतें सुल्तानपुर पट्टी बस स्टॉपेज पर बसें न रोकने की प्राप्त हो रही हैं।
चूंकि अनुबंधित बस का चालक परिवहन निगम के बजाय बस मालिक का कर्मचारी होता है, इसलिए डिपो प्रबंधन ने उन पर सख्ती की है। एआरएम श्रीरामकौशल कहते हैं कि अब शिकायत मिलने पर बस मालिक के देयकों में ढाई हजार रुपये की रिकवरी की जाएगी। इधर, इस चेतावनी से बस मालिकों में खलबली मच गई है।
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रोडवेज को रूटों पर अपनी बसों के संचालन को प्राथमिकता देनी चाहिए। यात्री अधिक होने की स्थिति में ही अनुबंधित बसें चलाई जाएं। यदि निगम के बजाय अनुबंधित बसों को प्राथमिकता मिलेगी तो रोडवेज का नुकसान भी बढ़ता जाएगा।
- मुकेश वर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन।
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रुद्रपुर डिपो की 25 अनुबंधित बसों में छह एसी बसें हैं। इनमें से अधिकांश अनुबंधित बसें 50 फीसदी भी रूट का लक्ष्य पूरा नहीं कर पा रही हैं। इससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान हो रहा है। दिल्ली और देहरादून रूट पर पड़ने वाले स्टॉपेजों पर चालकों की ओर से बसें न रोकने की शिकायत मिल रही हैं। डिपो प्रबंधन को सबसे अधिक शिकायतें सुल्तानपुर पट्टी बस स्टॉपेज पर बसें न रोकने की प्राप्त हो रही हैं।
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चूंकि अनुबंधित बस का चालक परिवहन निगम के बजाय बस मालिक का कर्मचारी होता है, इसलिए डिपो प्रबंधन ने उन पर सख्ती की है। एआरएम श्रीरामकौशल कहते हैं कि अब शिकायत मिलने पर बस मालिक के देयकों में ढाई हजार रुपये की रिकवरी की जाएगी। इधर, इस चेतावनी से बस मालिकों में खलबली मच गई है।
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रोडवेज को रूटों पर अपनी बसों के संचालन को प्राथमिकता देनी चाहिए। यात्री अधिक होने की स्थिति में ही अनुबंधित बसें चलाई जाएं। यदि निगम के बजाय अनुबंधित बसों को प्राथमिकता मिलेगी तो रोडवेज का नुकसान भी बढ़ता जाएगा।
- मुकेश वर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन।