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जल्द भुगतान के लिए एमएसपी से कम पर गेहूं बेच रहे किसान
Updated Mon, 30 Apr 2018 12:12 AM IST
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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर में गेहूं के भुगतान में हो रही देरी से परेशान किसान सरकारी क्रय एजेंसियों से अधिक आढ़तियों के पास गेहूं बेचने के लिए पहुंचने लगे हैं। आढ़ती इसका फायदा उठाते हुए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर फसल की खरीद कर रहे हैं। जिले में आढ़ती अब तक क्रय एजेंसियों से करीब दोगुना गेहूं खरीद चुके हैं।
जिले में गेहूं खरीद के लिए खोली गई 119 क्रय एजेंसियों में शनिवार तक दो लाख, 87 हजार, 145 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। वहीं नौ मंडी समितियों में शनिवार तक चार लाख 96 हजार 911 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह कहते हैं कि मंडी समितियों के माध्यम से आढ़तियों के बिक रहे गेहूं का मूल्य 1650 प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिल रहा है, लेकिन किसान रुपये का भुगतान जल्द होने के कारण मजबूरी में उन्हें बेच रहा है। इधर, सरकारी क्रय केंद्रों पर पल्लेदारी अधिक होने के कारण केंद्र प्रभारी सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रहे हैं।
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उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार डीएम से भी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बगवाड़ा गांव निवासी किसान विक्रमजीत सिंह कहते हैं कि रुद्रपुर मंडी समिति में किसानों का गेहूं 1625 से लेकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। कुछ आढ़ती 50 क्विंटल गेहूं की तोल पर एक क्विंटल गेहूं कमीशन के रूप में ले रहे हैं।
सीड प्लांट वाले भी आढ़तियों के माध्यम से गेहूं खरीद रहे हैं। इस संबंध में जब मंडी सचिव आशा गोस्वामी के मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी का कहना है कि मंडी आढ़ती न्यूनतम समर्थन मूल्य में ही गेहूं खरीद रहे हैं। इधर, आरएफसी केंद्र के हाट निरीक्षक हेमंत जोशी ने कहा कि सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा का अवकाश होने पर क्रय केंद्र बंद रहेंगे।
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जिले में गेहूं खरीद के लिए खोली गई 119 क्रय एजेंसियों में शनिवार तक दो लाख, 87 हजार, 145 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। वहीं नौ मंडी समितियों में शनिवार तक चार लाख 96 हजार 911 क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
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भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष ठाकुर जगदीश सिंह कहते हैं कि मंडी समितियों के माध्यम से आढ़तियों के बिक रहे गेहूं का मूल्य 1650 प्रति क्विंटल से अधिक नहीं मिल रहा है, लेकिन किसान रुपये का भुगतान जल्द होने के कारण मजबूरी में उन्हें बेच रहा है। इधर, सरकारी क्रय केंद्रों पर पल्लेदारी अधिक होने के कारण केंद्र प्रभारी सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीद पा रहे हैं।
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उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार डीएम से भी शिकायत की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बगवाड़ा गांव निवासी किसान विक्रमजीत सिंह कहते हैं कि रुद्रपुर मंडी समिति में किसानों का गेहूं 1625 से लेकर 1650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है। कुछ आढ़ती 50 क्विंटल गेहूं की तोल पर एक क्विंटल गेहूं कमीशन के रूप में ले रहे हैं।
सीड प्लांट वाले भी आढ़तियों के माध्यम से गेहूं खरीद रहे हैं। इस संबंध में जब मंडी सचिव आशा गोस्वामी के मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी का कहना है कि मंडी आढ़ती न्यूनतम समर्थन मूल्य में ही गेहूं खरीद रहे हैं। इधर, आरएफसी केंद्र के हाट निरीक्षक हेमंत जोशी ने कहा कि सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा का अवकाश होने पर क्रय केंद्र बंद रहेंगे।