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दुकानें डूबने से बेरोजगार हुए व्यापारी
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टिहरी बांध की झील बनाने के कारण थौलधार ब्लॉक के सिरांई और छाम के 145 ग्रामीण व्यापारियों की दुकानें डूब गई थी। दुकानें डूबने के दौरान पुनर्वास और टीएचडीसी ने प्रभावितों को दूसरे स्थान पर भूखंड आवंटन का भरोसा दिया था, लेकिन 29 प्रभावितों को 16 साल बाद भी दुकान निर्माण को भूखंड आवंटित नहीं हुए थे।
भागीरथी घाटी के आसपास के कस्बाई बाजारों को ग्रामीण छोटी-छोटी दुकानें संचालित कर आजीविका संवर्द्धन करते थे, लेकिन वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील बनने के कारण 145 से अधिक दुकानें झील में डूबी थी। इस दौरान पुनर्वास निदेशालय और टीएचडीसी ने प्रभावितों को जल्द दुकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया था। निदेशालय ने वर्ष 2010-11 में 116 दुकानदारों को डोबरा से लेकर अन्य स्थानों पर व्यवसायिक भूखंड आवंटित किए, लेकिन 29 दुकानदारों को 16 साल बाद भी भूखंड नहीं मिल पाए हैं। प्रभावित व्यापारी भाग सिंह, बीर सिंह, सोबन, सुशील, राधाराम ने बताया कि झील बनने से पहले वह टिहरी-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरांई और छाम में अपना छोटा मोटा व्यवसाय कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, लेकिन उनकी दुकानें झील में डूबने से वह बेरोजगार घूम रहे हैं। इस संबंध में अवस्थापना खंड पुनर्वास के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए कार्रवाई चल रही है। जल्द ही प्रभावित दुकानदारों की समस्याएं हल की जाएगी।
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भागीरथी घाटी के आसपास के कस्बाई बाजारों को ग्रामीण छोटी-छोटी दुकानें संचालित कर आजीविका संवर्द्धन करते थे, लेकिन वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील बनने के कारण 145 से अधिक दुकानें झील में डूबी थी। इस दौरान पुनर्वास निदेशालय और टीएचडीसी ने प्रभावितों को जल्द दुकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का भरोसा दिया था। निदेशालय ने वर्ष 2010-11 में 116 दुकानदारों को डोबरा से लेकर अन्य स्थानों पर व्यवसायिक भूखंड आवंटित किए, लेकिन 29 दुकानदारों को 16 साल बाद भी भूखंड नहीं मिल पाए हैं। प्रभावित व्यापारी भाग सिंह, बीर सिंह, सोबन, सुशील, राधाराम ने बताया कि झील बनने से पहले वह टिहरी-उत्तरकाशी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरांई और छाम में अपना छोटा मोटा व्यवसाय कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, लेकिन उनकी दुकानें झील में डूबने से वह बेरोजगार घूम रहे हैं। इस संबंध में अवस्थापना खंड पुनर्वास के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह नेगी का कहना है कि लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए कार्रवाई चल रही है। जल्द ही प्रभावित दुकानदारों की समस्याएं हल की जाएगी।
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