{"_id":"67acac67425d571ab501706c","slug":"the-doors-of-baleshwar-mahadev-temple-were-opened-for-devotees-tehri-news-c-50-1-nth1001-111061-2025-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: श्रद्धालुओं के लिए खोले गए बालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: श्रद्धालुओं के लिए खोले गए बालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट
Wed, 12 Feb 2025 07:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 12 Feb 2025 07:42 PM IST
विज्ञापन
एक माह बंद किए जाते हैं कपाट, मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर की सुख-समृद्धि की कामना
घनसाली (टिहरी)। बासर पट्टी में भल्डगांव स्थित भगवान बालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ माघ माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंदिर के कपाट खुलने पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि मांगी।
बालेश्वर महादेव के कपाट मकर संक्रांति के दिन बंद किए जाते हैं। एक माह पूरे बंद रहने के बाद फाल्गुन माह की संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है।
मंदिर के कपाट खुलने पर क्षेत्र के सात गांव के ग्रामीणों की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। बासर पट्टी के लोगों की बालेश्वर महादेव में अटूट आस्था और श्रद्धा है। देवता से मांगलिक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति लेने की परंपरा आज भी क्षेत्र के ग्रामीण निभाते आ रहे हैं। इस मौके पर विष्णु प्रसाद भट्ट, धनपाल नेगी, जसपाल बिष्ट, जितेंद्र कठैत, राजेंद्र परमार, राकेश बिष्ट, महेंद्र कठैत, रमेश रतूड़ी, द्वारिका भट्ट, नवीन भट्ट, कीर्तिराम, सोहन बिष्ट, डॉ़ नरेश बसलियाल, हर्षमणि आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
घनसाली (टिहरी)। बासर पट्टी में भल्डगांव स्थित भगवान बालेश्वर महादेव मंदिर के कपाट विधि विधान के साथ माघ माह की पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। मंदिर के कपाट खुलने पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर सुख समृद्धि मांगी।
बालेश्वर महादेव के कपाट मकर संक्रांति के दिन बंद किए जाते हैं। एक माह पूरे बंद रहने के बाद फाल्गुन माह की संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष हुकम सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है।
विज्ञापन
मंदिर के कपाट खुलने पर क्षेत्र के सात गांव के ग्रामीणों की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। बासर पट्टी के लोगों की बालेश्वर महादेव में अटूट आस्था और श्रद्धा है। देवता से मांगलिक कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति लेने की परंपरा आज भी क्षेत्र के ग्रामीण निभाते आ रहे हैं। इस मौके पर विष्णु प्रसाद भट्ट, धनपाल नेगी, जसपाल बिष्ट, जितेंद्र कठैत, राजेंद्र परमार, राकेश बिष्ट, महेंद्र कठैत, रमेश रतूड़ी, द्वारिका भट्ट, नवीन भट्ट, कीर्तिराम, सोहन बिष्ट, डॉ़ नरेश बसलियाल, हर्षमणि आदि मौजूद थे।
विज्ञापन