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Tehri News: आपदा से क्षतिग्रस्त हुई नहर, सिंचित खेत बंजर होने के कगार पर
Thu, 05 Mar 2026 06:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 05 Mar 2026 06:44 PM IST
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नहर की मरम्मत नहीं होने से मांदरा के किसान हो रखे हैं परेशान
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के मांदरा गांव की नहर आपदा से क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि सिंचित खेत बंजर होने के कगार पर हैं। किसानों ने जल्द मरम्मत की मांग की है।
मांदरा गांव की करीब डेढ़ किलोमीटर सिंचाई नहर का निर्माण कई वर्ष पूर्व हुआ था। नहर के पुराने होने के साथ आपदा के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे नहर पर बहुत कम पानी चल पा रहा है। गांव के पूर्व प्रधान मोहन लाल भट्ट ने बताया कि गांव के सिंचाई नहर को क्षतिग्रस्त हुए दस वर्ष से अधिक का समय हो गया है। धीरे-धीरे नहर की स्थिति और भी खराब होती जा रही है।
ग्रामीण क्षतिग्रस्त जगहों पर मिट्टी, पत्थर, पॉलीथिन लगाकर किसी तरह से नहर पर पानी चलाते हैं। ग्रामीणों की खेतों में बमुश्किल से पानी पहुंच पता है। लघु सिंचाई विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से नहर की मरम्मत के संबंध में अवगत करवाया गया लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई। कहा कि नहर पर भरपूर मात्रा में पानी न चलने के कारण ग्रामीण ने खेतों में फसलों की बुआई भी कम कर दी है।
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उन्होंने शासन-प्रशासन से मांदरा नहर की मरम्मत की मांग की है। इस बाबत लघु सिंचाई विभाग घनसाली के अवर अभियंता अनिल रतूड़ी ने बताया कि विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व नहर मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। जिससे मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। शीघ्र इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया जाएगा।
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घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के मांदरा गांव की नहर आपदा से क्षतिग्रस्त होने से खेतों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि सिंचित खेत बंजर होने के कगार पर हैं। किसानों ने जल्द मरम्मत की मांग की है।
मांदरा गांव की करीब डेढ़ किलोमीटर सिंचाई नहर का निर्माण कई वर्ष पूर्व हुआ था। नहर के पुराने होने के साथ आपदा के कारण जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे नहर पर बहुत कम पानी चल पा रहा है। गांव के पूर्व प्रधान मोहन लाल भट्ट ने बताया कि गांव के सिंचाई नहर को क्षतिग्रस्त हुए दस वर्ष से अधिक का समय हो गया है। धीरे-धीरे नहर की स्थिति और भी खराब होती जा रही है।
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ग्रामीण क्षतिग्रस्त जगहों पर मिट्टी, पत्थर, पॉलीथिन लगाकर किसी तरह से नहर पर पानी चलाते हैं। ग्रामीणों की खेतों में बमुश्किल से पानी पहुंच पता है। लघु सिंचाई विभाग को कई बार लिखित और मौखिक रूप से नहर की मरम्मत के संबंध में अवगत करवाया गया लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई। कहा कि नहर पर भरपूर मात्रा में पानी न चलने के कारण ग्रामीण ने खेतों में फसलों की बुआई भी कम कर दी है।
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उन्होंने शासन-प्रशासन से मांदरा नहर की मरम्मत की मांग की है। इस बाबत लघु सिंचाई विभाग घनसाली के अवर अभियंता अनिल रतूड़ी ने बताया कि विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व नहर मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो पाई है। जिससे मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। शीघ्र इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया जाएगा।