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टिहरी के प्रकाश जम्मू कश्मीर में शहीद
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Sun, 25 Dec 2016 10:29 PM IST
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श्ाहीद प्रकाश्ा
- फोटो : amarujala
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गढ़वाल राइफल के 12 आरआर के ग्रेनेडर इन्फेंट्री रेजीमेंट में तैनात स्वाड़ी (कांडी) निवासी प्रकाश चंद कुमाईं जम्मू कश्मीर में शहीद हो गए। शहादत की सूचना मिलने से गांव में शोक का माहौल है। शहीद के घर ढांढस बधाने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है।
टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लाक के ग्राम स्वाड़ी (कांडी) निवासी कुशाल सिंह कुमाईं के पुत्र प्रकाश चंद कुमाईं इन दिनों जम्मू कश्मीर के 12 आरआर बनिहाल द्रास सेक्टर में तैनात थे। 23 दिसंबर रात को पेट्रोलिंग के दौरान वह शहीद हो गए। उनकी शहादत के बारे में अधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
प्रकाश चंद की इसी वर्ष 10 अक्तूबर को देहरादून निवासी कल्पना के साथ शादी हुई थी और 19 नवंबर को वह छुट्टी पूरी कर ड्यूटी गए थे। प्रकाश चंद वर्ष 2012 में सेना में भर्ती हुए थे। शहीद का परिवार वर्तमान में गाजियाबाद में रहता है।
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सेना मुख्यालय से शहादत की सूचना मिलने पर उनकी माता आषाड़ी देवी, पिता कुशाल सिंह, भाई बिजेंद्र सिंह, विनोद चंद, पत्नी कल्पना समेत अन्य परिजन रविवार को अपने पैतृक गांव स्वाड़ी पहुंच चुके हैं। उनकी मां अषाड़ी देवी, पत्नी कल्पना का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के भाई बिजेंद्र सिंह और दुग्ध संघ के अध्यक्ष पदम सिंह कुमाई ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि शहीद का पार्थिक शरीर सोमवार तड़के गांव पहुंचेगा। इसके बाद पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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टिहरी जिले के जाखणीधार ब्लाक के ग्राम स्वाड़ी (कांडी) निवासी कुशाल सिंह कुमाईं के पुत्र प्रकाश चंद कुमाईं इन दिनों जम्मू कश्मीर के 12 आरआर बनिहाल द्रास सेक्टर में तैनात थे। 23 दिसंबर रात को पेट्रोलिंग के दौरान वह शहीद हो गए। उनकी शहादत के बारे में अधिकारिक जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।
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प्रकाश चंद की इसी वर्ष 10 अक्तूबर को देहरादून निवासी कल्पना के साथ शादी हुई थी और 19 नवंबर को वह छुट्टी पूरी कर ड्यूटी गए थे। प्रकाश चंद वर्ष 2012 में सेना में भर्ती हुए थे। शहीद का परिवार वर्तमान में गाजियाबाद में रहता है।
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सेना मुख्यालय से शहादत की सूचना मिलने पर उनकी माता आषाड़ी देवी, पिता कुशाल सिंह, भाई बिजेंद्र सिंह, विनोद चंद, पत्नी कल्पना समेत अन्य परिजन रविवार को अपने पैतृक गांव स्वाड़ी पहुंच चुके हैं। उनकी मां अषाड़ी देवी, पत्नी कल्पना का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद के भाई बिजेंद्र सिंह और दुग्ध संघ के अध्यक्ष पदम सिंह कुमाई ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि शहीद का पार्थिक शरीर सोमवार तड़के गांव पहुंचेगा। इसके बाद पैतृक घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।