{"_id":"63309b925f5e99702f38f00a","slug":"sharadiya-navratri-from-today-maa-durga-will-come-sitting-on-an-elephant-new-tehri-news-drn423800570","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदीय नवरात्र आज से, हाथी पर बैठकर आएंगी मां दुर्गा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदीय नवरात्र आज से, हाथी पर बैठकर आएंगी मां दुर्गा
सार
आदि शक्ति स्वरूपा की आराधना का नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्र सोमवार (आज) से शुरू होने जा रहा है।नवरात्र में शक्ति के नौ रूपों की उपासना की जाती है।नवरात्र में अक्सर तिथियां कम-ज्यादा हो जाती है लेकिन इस नवरात्र में यह पर्व पूरे नौ दिन का रहेगा।
विज्ञापन
विस्तार
आदि शक्ति स्वरूपा की आराधना का नौ दिवसीय महापर्व शारदीय नवरात्र सोमवार (आज) से शुरू होने जा रहा है। खास बात यह है कि इस नवरात्र में कोई भी तिथि नहीं घट रही है, इसलिए ये पर्व पूरे नौ दिन का रहेगा। इस बार तीन सर्वार्थ सिद्धि योग, एक द्विपुष्कर योग और तीन रवियोग के दुर्लभ संयोगों की जोड़ी पर्व को खास बना रही है। इसी के साथ मांगलिक कार्यों की भी शुरूआत हो जाएगी।
वेद-पुराणों में मां दुर्गा को शक्ति का रूप माना गया है, जो असुरों से इस संसार की रक्षा करती है। नवरात्र में शक्ति के नौ रूपों की उपासना की जाती है। हालांकि, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को देवी का मुख्य रूप बताया गया है। आज से देवी की भक्ति और उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र शुरू होगा। नवरात्र सोमवार से शुरू हो रही है। इस कारण देवी के आने का वाहन हाथी रहेगा। नवरात्र में अक्सर तिथियां कम-ज्यादा हो जाती है लेकिन इस नवरात्र में यह पर्व पूरे नौ दिन का रहेगा। ग्रंथों में इसे शुभ-अशुभ संकेत बताया गया है। जानकार कहते हैं कि नवरात्र के दौरान तिथियां नहीं घटती है तो ये देवी आराधना का पूरा फल मिलने का संकेत माना गया है।
ज्योतिषाचार्य हर्षमणि बहुगुणा का कहना है कि नवरात्र में देवी की पूजा-आराधना वैभव और भोग प्रदान करने वाला होता है। ऋतुओं का संधिकाल होने के कारण इस दौरान जड़ी बूटियों और गोघृत से किया गया हवन मन और शरीर को पुष्ट करने वाला होता है।
विज्ञापन
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के प्रथम दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त अभिजीत है। अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।
विज्ञापन
वेद-पुराणों में मां दुर्गा को शक्ति का रूप माना गया है, जो असुरों से इस संसार की रक्षा करती है। नवरात्र में शक्ति के नौ रूपों की उपासना की जाती है। हालांकि, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती को देवी का मुख्य रूप बताया गया है। आज से देवी की भक्ति और उपासना का पर्व शारदीय नवरात्र शुरू होगा। नवरात्र सोमवार से शुरू हो रही है। इस कारण देवी के आने का वाहन हाथी रहेगा। नवरात्र में अक्सर तिथियां कम-ज्यादा हो जाती है लेकिन इस नवरात्र में यह पर्व पूरे नौ दिन का रहेगा। ग्रंथों में इसे शुभ-अशुभ संकेत बताया गया है। जानकार कहते हैं कि नवरात्र के दौरान तिथियां नहीं घटती है तो ये देवी आराधना का पूरा फल मिलने का संकेत माना गया है।
विज्ञापन
ज्योतिषाचार्य हर्षमणि बहुगुणा का कहना है कि नवरात्र में देवी की पूजा-आराधना वैभव और भोग प्रदान करने वाला होता है। ऋतुओं का संधिकाल होने के कारण इस दौरान जड़ी बूटियों और गोघृत से किया गया हवन मन और शरीर को पुष्ट करने वाला होता है।
विज्ञापन
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के प्रथम दिन घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 बजे से 7:10 बजे तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त अभिजीत है। अभिजीत मुहूर्त पूर्वाह्न 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।