फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   Rehabilitation of the people displaced by the disaster could not be

आपदा से बेघर हुए लोगों का नहीं हो पाया पुनर्वास

Thu, 16 Jun 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी Updated Thu, 16 Jun 2016 10:37 PM IST
विज्ञापन

आपदा के दो साल बाद भी बागी गांव के पीड़ितों का पुनर्वास नहीं हो पाया है। पीड़ितों ने सरकार से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। विकासखंड चंबा के बागी गांव में 15 अगस्त 2014 को बादल फटने से 18 भवन जमींजोद हो गए थे।

विज्ञापन


तब प्रशासन ने सभी पीड़ितों को निकट के राजकीय इंटर कालेज में शरण देकर राहत के रूप में 1-1 लाख रुपये दिए थे, जिस पर पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से सिर ढकने के लिए शीघ्र पुनर्वास की मांग की थी। तब प्रशासन ने सौड़ नामे तोक में जमीन देने की बात कही, लेकिन ग्रामीणों ने भूगर्भीय सर्वेक्षण से पहले जमीन लेने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन


कुछ पीड़ितों का तर्क था कि जमीन भी भूगर्भीय हिसाब से संवेदनशील हो सकती है। ऐसे में आपदा में सब कुछ गंवा देने वाले पीड़ित परिवार रिश्तेदारों और परिजनों के यहां शरण लिए हुए हैं। पीड़ितों की माली हालत को देखते हुए कुछ माह बाद हंस फाउंडेशन ने भी हाथ बढ़ाते हुए 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


चैतराम बिजल्वाण का कहना है कि पीड़ित परिवारों ने भूगर्भीय सर्वेक्षण के बाद ही जमीन लेने की बात कही थी, लेकिन आज तक जमीन की जांच नहीं होने के कारण विस्थापन का मामला अटका पड़ा है। बताया कि आपदा में सब कुछ गंवाने वाले एक पीड़ित को दो कमरों की जमीन ही उपलब्ध हो पाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed