प्रतापनगर के रौलाकोट के बांध प्रभावितों ने भूखंड आवंटन करने, पात्रता निर्धारण 2021 के आधार पर करने, टीएचडीसी में प्रभावितों को स्थायी रोजगार देने समेत अन्य मांगों को लेकर बेमियादी धरना शुरू कर दिया। प्रभावितों ने टीएचडीसी पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या का निराकरण न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
बुधवार को रौलाकोट के बांध प्रभावितों ने गणेश चौक बौराड़ी में बेमियादी धरना शुरू करते हुए समस्याओं के निराकरण की मांग की। कहा कि लंबे समय से प्रभावित पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में समय-समय पर हाईकोर्ट ने भी प्रभावितों का पुनर्वास करने के आदेश दिए थे, लेकिन कई दौर की वार्ता और आंदोलन के बाद भी प्रभावितों के पुनर्वास को भूमि मुहैया नहीं करवाई जा रही है, जिससे प्रभावित खतरे की जद में आ चुके भवनों में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने रौलाकोट के ग्रामीणों को कृषि व आवासीय भूखंड तत्काल आवंटित करने, नकद क्षतिपूर्ति का भुगतान, पात्रता का निर्धारण 2021 के अनुसार करने, हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों को लागू करते हुए बांध प्रभावित प्रतापनगर, टिहरी, घनसाली, धनोल्टी के लोगों को निशुल्क बिजली, पानी देने, टीएचडीसी/एनटीपीसी में आउटसोर्सिंग एजेंसी के बजाए प्रभावितों को स्थायी रोजगार देने की मांग की। धरना देने वालों में पुनर्वास संघर्ष समिति के संरक्षक सागर भंडारी, अध्यक्ष दीपक थपलियाल, पालिका सभासद विश्वजीत नेगी, युद्धवीर बिष्ट, सब्बल सिंह धनाई, लाखी लाल, जगमोहन सिंह, पुरुषोत्तम रावत, बुद्धि सिंह रावत, सचिन, बलवीर नेगी, छटांगी देवी, सोनी रावत, मुन्नी धनाई, मोला देवी आदि शामिल थे।