कृषि के क्षेत्र में बेहतर काम कर स्वरोजगार करने वाले प्रगतिशील किसान खुशीराम डबराल का भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने नवोंमेषी किसान पुरस्कार 2022 के लिए चयन किया है। डबराल लंबे समय से कृषि और औद्यानिकी कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। 9-10 मार्च को दिल्ली में देश के कृषि मंत्री डबराल को पुरस्कार भेंट करेंगे। पुरस्कार के लिए चयन होने पर औद्यानिकी एवं वानिकी विवि से लेकर कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी ने खुशी व्यक्त की है।
देशभर में कृषि, औद्यानिकी और कृषि के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले किसानों को प्रत्येक वर्ष केंद्र सरकार का भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पुरस्कार देकर सम्मानित करता है। वर्ष 2022 के लिए चंबा के चोपडियालगांव निवासी प्रगतिशील किसान खुशीराम डबराल का चयन हुआ है। वीरचंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय भरसार के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी के माध्यम से खुशीराम डबराल का चयन हुआ है। डबराल गांव में स्थित अपनी 80 नाली भूमि पर टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, प्याज, आलू से लेकर सेब, आडू, खुमानी, पुलम, केवी आदि का उत्पादन कर प्रत्येक वर्ष 7-8 लाख रुपये की आय कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। उन्होंने जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हाईर्वेटिंग टैंक, पाली हाउस समेत अन्य तरह के संसाधन भी विकसित किए हैं। 9-11 मार्च को दिल्ली में लगने वाले किसान मेले में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री डा. नरेंद्र सिंह तोमर खुशीराम डबराल को पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे। विवि के कुलपति प्रो. अजीत कर्नाटक, निदेशक प्रसार प्रो. सी तिवारी, प्रभारी अधिकारी कृषि विज्ञान केंद्र डा. आलोक येवले आदि ने खुशी व्यक्त करते हुए डबराल को शुभकामनाएं दीं। कहा कि प्रगतिशील किसान डबराल का चयन देश के प्रसिद्ध किसान पुरस्कार के लिए होने से अन्य किसानों को प्रेरणा मिलेगी।