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भविष्य की योजनाएं ई-गवर्नेंस के माध्यम से करें तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
Updated Fri, 10 Jul 2015 07:23 PM IST
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जिला योजना के नियोजन और क्रियान्वयन के लिए सांख्यिकी विभाग की पहल पर मानचित्र और अभिलेखों के आधुनिकीकरण पर शुक्रवार से दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। गोष्ठी का शुभारंभ उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान के महानिदेशक राजेंद्र डोभाल और डीएम युगल किशोर पंत ने किया।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महानिदेशक डोभाल ने कहा कि वर्तमान जीवन शैली में सूचना तकनीकी की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। योजना के सफल संचालन और क्रियान्वयन के लिए गवर्नेंस की महत्वपूर्ण भूमिका है।
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अल्मोड़ा के बाद टिहरी ऐसा जनपद होगा जिसकी आने वाले भविष्य की योजनाए जी गवर्नेंस के माध्यम से तैयार होगी। इसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ति के साथ ही अभिरुचि के साथ काम करने की जरूरत है। विश्व के कई देश जी गवर्नेंस के माध्यम से विकास के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ गए हैं।
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डीएम युगल किशोर पंत ने कहा कि हम जनपद के ऐसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए योजना बना सकते है जहां अब तक विकास नहीं हो पाया है। वित्तीय संसाधनों का जनहित में सही उपयोग हो और क्षेत्र के विकास के लिए उचित योजनाए बनें उसके लिए अधिकारियों को जीआईएस के माध्यम से विभागीय योजनाएं प्रदर्शित कर सकते है।
सीडीओ इकबाल अहमद ने कहा कि जनपद में जीआईएस का डाटाबेस बनने के बाद योजनाओं को बनाने में काफी सुविधा होगी। इस मौके पर एसपी मुख्तार मोहसिन, डा. जेएस रावत, डा.डीपी उनियाल, संख्याधिकारी वीरेंद्र कुमार पुरी आदि उपस्थित थे।