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Tehri News: सिलिंडरों के सहारे चल रही मरीजों की सांसें, ऑक्सीजन प्लांट बना शोपीस
Wed, 01 Jul 2026 05:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 01 Jul 2026 05:17 PM IST
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लाखों का प्लांट फांक रहा धूल, हर महीने हरिद्वार से मंगाने पड़ रहे सिलिंडर
नई टिहरी। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों के लिए संजीवनी साबित होने की उम्मीद से जिला अस्पताल बौराड़ी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट अब बदहाली का शिकार हो गया। करीब 500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगभग पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। स्थिति यह है कि लाखों की लागत से तैयार प्लांट के चारों ओर झाड़ियां उग आई है। रखरखाव के अभाव में प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। अस्पताल के आईसीयू समेत अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडरों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है।
कोरोना संक्रमण के दौरान वर्ष 2021 में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सहायता से 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया गया था। उस समय इस प्लांट को भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य आपदा से निपटने की बड़ी तैयारी बताया जा रहा था।
प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के आईसीयू और अन्य विभागों में प्रत्येक माह करीब 90 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत होती है। इन सिलिंडरों की आपूर्ति हरिद्वार से करानी पड़ती है जिससे परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त निर्भरता बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था अब वह पूरा नहीं हो पा रहा है
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ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए कम से कम चार तकनीशियनों की जरूरत है। अस्पताल में एक भी तकनीशियन नहीं है। आईसीयू और अन्य विभागों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलिंडरों के माध्यम से नियमित रूप से की जा रही है।
- डॉ. अमित राय, सीएमएस जिला अस्पताल बौराड़ी
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नई टिहरी। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों के लिए संजीवनी साबित होने की उम्मीद से जिला अस्पताल बौराड़ी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट अब बदहाली का शिकार हो गया। करीब 500 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगभग पिछले एक वर्ष से बंद पड़ा है। स्थिति यह है कि लाखों की लागत से तैयार प्लांट के चारों ओर झाड़ियां उग आई है। रखरखाव के अभाव में प्लांट शोपीस बनकर रह गया है। अस्पताल के आईसीयू समेत अन्य वार्डों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन सिलिंडरों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है।
कोरोना संक्रमण के दौरान वर्ष 2021 में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की सहायता से 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किया गया था। उस समय इस प्लांट को भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य आपदा से निपटने की बड़ी तैयारी बताया जा रहा था।
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प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के आईसीयू और अन्य विभागों में प्रत्येक माह करीब 90 ऑक्सीजन सिलिंडरों की खपत होती है। इन सिलिंडरों की आपूर्ति हरिद्वार से करानी पड़ती है जिससे परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त निर्भरता बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था अब वह पूरा नहीं हो पा रहा है
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ऑक्सीजन प्लांट के संचालन के लिए कम से कम चार तकनीशियनों की जरूरत है। अस्पताल में एक भी तकनीशियन नहीं है। आईसीयू और अन्य विभागों में ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलिंडरों के माध्यम से नियमित रूप से की जा रही है।
- डॉ. अमित राय, सीएमएस जिला अस्पताल बौराड़ी