डोबरा-चांठी पुल निर्माण करने वाले लोनिवि के निर्माण खंड कार्यालय को नई टिहरी से श्री बदरीनाथ धाम शिफ्ट किए जाने का स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया। स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा कि यदि डिविजन को जबरन शिफ्ट किया गया, तो आंदोलन किया जाएगा।
सरकार ने 24 फरवरी 2016 को लोनिवि निर्माण खंड को डोबरा-चांठी परियोजना क्रियान्वयन इकाई के रूप में गठित किया था। विभाग के कुशल इंजीनियरों की देखरेख में निजी कंपनी ने झील के ऊपर 440 मीटर स्पान का देश का सबसे बड़ा सस्पेंशन ब्रिज बनाया। अनुबंध के अनुसार कंपनी और लोनिवि निर्माण खंड पांच साल तक पुल की देखरेख, मरम्मत आदि कार्य करेगा। लेकिन सरकार ने इस खंड को बदरीनाथ धाम क्षेत्र के कार्य के लिए जोशीमठ मुख्यालय स्थानांतरित किया है। शुक्रवार को प्रतापनगर के प्रमुख प्रदीप रमोला, कांग्रेस नेता मुरारी लाल खंडवाल, आनंद रावत, पुरुषोत्तम थलवाल, होशियार थलवाल आदि ने स्वास्थ्य मंत्री और डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर शिफ्टिंग का आदेश निरस्त करने की मांग की है। कहा कि डोबरा-पुल की सुरक्षा को देखते हुए निर्माण खंड को यथावत रखें। प्रतापनगर विधायक विजय पंवार ने भी मामले में लोनिवि मंत्री सतपाल महाराज से वार्ता करने का आश्वासन दिया है।