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अब सेक्टर मजिस्ट्रेट भी बुझाएंगे आग
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Sun, 01 May 2016 10:33 PM IST
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टिहरी जिले में जंगलों की आग की 134 घटनाएं होने और 209 हेक्टेयर वन भूमि में आग लगने के बाद जिला प्रशासन अब जंगलों की आग रोकने के लिए सक्रिय हो गया है। 13 वन रेंजों को अलग-अलग सेक्टरों में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है, जो निगरानी करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर वन कर्मियों के साथ आग बुझाने के लिए मौके पर जाएंगे। सड़क मार्ग से सटे जंगलों और सड़क पर गिरे पिरूल को साफ करने की जिम्मेदारी अब लोनिवि के बेलदारों को सौंप दी गई है।
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पत्रकार वार्ता में डीएम ज्योति नीरज खैरवाल ने कहा जंगल सिर्फ वन विभाग के नहीं, बल्कि सभी के हैं। जंगल की आग रोकने की जिम्मेदारी अब सभी विभागीय अधिकारियों को बांट दी गई है। यदि कोई व्यक्ति खेतों या सार्वजनिक स्थानों पर आग लगाते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ आपदा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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जिले की 13 रेंजों में से सात बड़ी रेंजों में प्रभागीय वनाधिकारी और उपजिलाधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट नामित किया है। बताया कि पीआरडी के 11 जवान घनसाली, 10 टिहरी और 6 नरेंद्रनगर भेजे जा चुके हैं, जो संबंधित क्षेत्र के नोडल अधिकारी के नियंत्रण में कार्य करेंगे।
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चंबा के दयूरी तल्ली के तिलवाड गांव में आग बुझाने में झुलसी बसंती देवी को आपदा नियमों और मानकों के तहत उपचार हेतु आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रभागीय वनाधिकारी टिहरी आरपी मिश्रा ने बताया कि जिस वन पंचायत और ग्राम पंचायत के द्वारा आगजनी की घटना रोकने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। उन्हें कैंपा योजना के तहत वन विभाग अगले वित्तीय वर्ष में पुरस्कृत करेंगे। इस मौके पर सीडीओ डा. अहमद इकबाल भी मौजूद थे।