{"_id":"6775390c1d5673a2620b796a","slug":"notice-of-water-tax-recovery-to-62-families-of-pipli-village-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-110411-2025-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: पिपली गांव के 62 परिवारों को जलकर वसूली का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: पिपली गांव के 62 परिवारों को जलकर वसूली का नोटिस
Wed, 01 Jan 2025 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 01 Jan 2025 06:16 PM IST
विज्ञापन
नोटिस भेजने पर ग्रामीणों में आक्रोश, डीएम से लगाई हस्तक्षेप करने की गुहार
नई टिहरी। पानी का बिल जमा नहीं करने पर पिपली गांव के 62 परिवारों को जल संस्थान ने वसूली का नोटिस जारी किया है, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी भी पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया, जब पुरानी टिहरी डूबने के बाद नई टिहरी को बसाया जा रहा था उस समय उनके स्रोत और नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद टीएचडीसी ने उन्हें अस्थायी रूप से पानी की सुविधा दी थी।
पिपली गांव जिला मुख्यालय नई टिहरी का सबसे निकटवर्ती गांव है। पिपली गांव में वर्तमान में 105 परिवार निवासरत हैं। पानी का बिल जमा करने के लिए तहसीलदार के माध्यम से 62 परिवारों को नोटिस मिलने पर लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्ण सिंह रावत, ग्राम प्रशासक मुक्ता देवी, वीरेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह की ओर से डीएम को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि पुरानी टिहरी डूबने के बाद जब नई टिहरी बसाई जा रही थी। उस दौरान बौराड़ी क्षेत्र में सड़क और आवासीय भवनों के निर्माण के दौरान उनका मोलधार का प्राकृतिक जल स्रोत दब गया था।
सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल स्रोत दबने के एवज में टीएचडीसी ने तब गांव में पेयजल आपूर्ति शुरू की थी। जल संस्थान का उनके गांव में कभी कोई लाइनमैन देखने तक नहीं आता है। गांव के लोग ही खुद लाइन की देखरेख करते हैं। पानी का कनेक्शन लेने के लिए गांव के किसी भी परिवार ने कभी जल संस्थान में आवेदन जमा नहीं किया। अचानक बिल जमा करने के लिए नोटिस भेजने पर रोष जताते हुए उन्होंने डीएम से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।
विज्ञापन
पुरानी टिहरी विस्थापन के दौरान टीएचडीसी ने जो भी पेयजल लाइनें बनाई थी वे बाद में जल संस्थान को हैंडओवर हो गई थी। 2016 से पिपली गांव के लोगों को बिल भेजे जा रहे हैं। सात-आठ परिवारों को छोड़कर अन्य किसी ने बिल जमा नहीं कराया। इसलिए उनको बिल जमा करने के लिए तहसील से नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-प्रशांत भारद्वाज, ईई, जल संस्थान नई टिहरी
विज्ञापन
नई टिहरी। पानी का बिल जमा नहीं करने पर पिपली गांव के 62 परिवारों को जल संस्थान ने वसूली का नोटिस जारी किया है, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने डीएम से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी भी पानी के कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं किया, जब पुरानी टिहरी डूबने के बाद नई टिहरी को बसाया जा रहा था उस समय उनके स्रोत और नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद टीएचडीसी ने उन्हें अस्थायी रूप से पानी की सुविधा दी थी।
पिपली गांव जिला मुख्यालय नई टिहरी का सबसे निकटवर्ती गांव है। पिपली गांव में वर्तमान में 105 परिवार निवासरत हैं। पानी का बिल जमा करने के लिए तहसीलदार के माध्यम से 62 परिवारों को नोटिस मिलने पर लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्ण सिंह रावत, ग्राम प्रशासक मुक्ता देवी, वीरेंद्र सिंह नेगी, नरेंद्र सिंह की ओर से डीएम को प्रेषित ज्ञापन में कहा गया है कि पुरानी टिहरी डूबने के बाद जब नई टिहरी बसाई जा रही थी। उस दौरान बौराड़ी क्षेत्र में सड़क और आवासीय भवनों के निर्माण के दौरान उनका मोलधार का प्राकृतिक जल स्रोत दब गया था।
विज्ञापन
सिंचाई नहरें क्षतिग्रस्त हो गई थी। जल स्रोत दबने के एवज में टीएचडीसी ने तब गांव में पेयजल आपूर्ति शुरू की थी। जल संस्थान का उनके गांव में कभी कोई लाइनमैन देखने तक नहीं आता है। गांव के लोग ही खुद लाइन की देखरेख करते हैं। पानी का कनेक्शन लेने के लिए गांव के किसी भी परिवार ने कभी जल संस्थान में आवेदन जमा नहीं किया। अचानक बिल जमा करने के लिए नोटिस भेजने पर रोष जताते हुए उन्होंने डीएम से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।
विज्ञापन
पुरानी टिहरी विस्थापन के दौरान टीएचडीसी ने जो भी पेयजल लाइनें बनाई थी वे बाद में जल संस्थान को हैंडओवर हो गई थी। 2016 से पिपली गांव के लोगों को बिल भेजे जा रहे हैं। सात-आठ परिवारों को छोड़कर अन्य किसी ने बिल जमा नहीं कराया। इसलिए उनको बिल जमा करने के लिए तहसील से नोटिस भेजे जा रहे हैं।
-प्रशांत भारद्वाज, ईई, जल संस्थान नई टिहरी