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एक करोड़ खर्च, फिर भी लोग प्यासे
ब्यूरो/अमर उजाला टिहरी
Updated Wed, 23 Mar 2016 09:32 PM IST
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थौलधार ब्लॉक मुख्यालय कंडीसौड़ के लिए एक करोड़ तीस लाख की लागत से बनी कोटीगाड पेयजल योजना सफेद हाथी साबित हो रही है। योजना के स्रोत पर कार्य पूरा नहीं होने से कंडीसौड़ क्षेत्र में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्रोत पर बना वाटर सप्लाई टैंक आए दिन बंद हो रहा है, जिससे पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस स्थिति में कंडीसौड़ के लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
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कंडीसौड़ में पेयजल की कमी को देखते हुए वर्ष 2013-14 में कोटीगाड से पेयजल योजना निर्माण की स्वीकृति मिली थी। योजना निर्माण पर अब तक एक करोड़ तीस लाख की धनराशि खर्च हो चुकी है, लेकिन कंडीसौड़ क्षेत्र के लोग प्यासे ही हैं।
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पानी की आपूर्ति करने के लिए कंडीसौड़ तक चार इंच की पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन योजना पर एक इंच भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। सुबह के समय लोगों को एक घंटे भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जबकि स्रोत पर पर्याप्त पानी उपलब्ध है।
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कार्यदायी संस्था जल निगम की लापरवाही से स्रोत पर सप्लाई टैंक बार-बार बंद हो जा रहा है, जिससे आगे के लिए पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। जल निगम चंबा के ईई आलोक कुमार का कहना है कि बजट के अभाव में स्रोत पर वाटर सप्लाई टैंक का काम पूरा नहीं हो पाया है। पिछले चार माह से तो विभागीय कर्मियों को वेतन भी नहीं मिल पाया है। बजट उपलब्ध होने पर ही टैंक पर कार्य शुरू किया जाएगा।