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मकोट-केमवाल गांव सड़क को मिली मंजूरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई टिहरी
Updated Wed, 27 Apr 2016 09:13 PM IST
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चंबा ब्लॉक के लामकोट और केमवाल गांव के लोगों के लिए खुशखबरी है। छह साल से अधर में लटकी तीन किमी सड़क निर्माण के लिए भारत सरकार से स्वीकृति मिल गई है। सड़क निर्माण के लिए लोनिवि ने दो साल पहले काश्तकारों को खेतों का मुआवजा बांट दिया था, लेकिन बजट के अभाव में सड़क निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा था। जिससे ग्रामीणों को पांच किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही थी। कार्यदायी संस्था पीएमजीएसवाई ने आगामी जून प्रथम सप्ताह से सड़क निर्माण शुरू करने का निर्णय लिया है।
लामकोट और केमवाल गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए थे, जिससे ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी पैदल नापना पड़ रहा है। बादशाहीथौल से सौंदकोटी तक तो पांच साल पहले लोनिवि ने सड़क पहुंचाई थी, लेकिन आगे प्रस्तावित तीन किमी सड़क पांच साल में भी नहीं बन पाई है। उससे आगे तीन किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव लंबे समय से भारत सरकार के स्तर पर लंबित चल रहा था। दो साल पहले सड़क लोनिवि से पीएमजीएसवाई को ट्रांसफर हो गई थी। तब से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग विभिन्न मंचों से उठाते आ रहे थे। सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त था। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण शासन-प्रशासन पर लगातार दबाव बनाए हुए थे। अब जाकर बीते 29 मार्च को सड़क निर्माण के लिए पांच करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है।
लामकोट और केमवाल गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पांच करोड़ की स्वीकृति मार्च में मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया विभाग के स्तर पर चल रही है। जून मेें कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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-मान सिंह बिष्ट, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई टू
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लामकोट और केमवाल गांव सड़क से नहीं जुड़ पाए थे, जिससे ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए चार किमी पैदल नापना पड़ रहा है। बादशाहीथौल से सौंदकोटी तक तो पांच साल पहले लोनिवि ने सड़क पहुंचाई थी, लेकिन आगे प्रस्तावित तीन किमी सड़क पांच साल में भी नहीं बन पाई है। उससे आगे तीन किमी सड़क निर्माण का प्रस्ताव लंबे समय से भारत सरकार के स्तर पर लंबित चल रहा था। दो साल पहले सड़क लोनिवि से पीएमजीएसवाई को ट्रांसफर हो गई थी। तब से ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग विभिन्न मंचों से उठाते आ रहे थे। सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त था। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण शासन-प्रशासन पर लगातार दबाव बनाए हुए थे। अब जाकर बीते 29 मार्च को सड़क निर्माण के लिए पांच करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है।
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लामकोट और केमवाल गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पांच करोड़ की स्वीकृति मार्च में मिल चुकी है। टेंडर की प्रक्रिया विभाग के स्तर पर चल रही है। जून मेें कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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-मान सिंह बिष्ट, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई टू