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Tehri News: संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने लिया बांध प्रभावित क्षेत्र का जायजा
Thu, 27 Jun 2024 05:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:22 PM IST
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नई टिहरी। उत्तराखंड शासन की ओर से टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्र के गांवों में भूस्खलन का आकलन के लिए गठित संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। अब कमेटी जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर डीएम/पुनर्वास निदेशक टिहरी को सौंपेगी।
टिहरी बांध के जलाशय बनने के बाद कई गांव भूस्खलन की जद में आ गए थे। झील का जलस्तर घटने-बढ़ने से यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके बाद शासन ने सर्वे आफ इंडिया, जीएसआई, वन, खनिज, मृदा, आईआईटी रुड़की, उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, पुनर्वास निदेशालय और टीएचडीसी इंडिया की एक संयुक्त टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण और मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं।
पुनर्वास विभाग के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि एक्सपर्ट कमेटी ने बीते बुधवार और बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। बुधवार को नंदगांव में वीरेंद्र दत्त नौटियाल, पिपोला-ढुंग के 13 आवासीय भवनों और पिलखी में राम प्रसाद नौटियाल के भवन का निरीक्षण किया गया। झील के कारण परिसंपत्तियों को कितना नुकसान हुआ है।
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बृहस्पतिवार को समिति ने थौलधार ब्लॉक के ग्राम सौड़ उप्पू, जिले के चिन्यालीसौड़ पीपलमंडी का सर्वेक्षण और डोभन गांव का सीमांकन कराया। ईई ने बताया कि प्रभावित काश्तकारों ने समिति को अपनी समस्याएं बताते हुए पुनर्वास करने की मांग की। ईई ने बताया कि समिति जल्द रिपोर्ट तैयार कर का डीएम/पुनर्वास निदेशक को सौंपेगी। कमेटी में आईआईटी रुड़की के प्रो. शिव कृष्णन शिवा सुब्रहमणयम, जीएसआई के मोहम्मद अहमद, खनन एवं भूतत्व विभाग के सहायक भू-वैज्ञानिक प्रदीप कुमार, सर्वे आफ इंडिया के उप निदेशक रविंद्र सिंह रावत, यूसैक की वैज्ञानिक डॉ. अरुणा रानी शामिल है।
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टिहरी बांध के जलाशय बनने के बाद कई गांव भूस्खलन की जद में आ गए थे। झील का जलस्तर घटने-बढ़ने से यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके बाद शासन ने सर्वे आफ इंडिया, जीएसआई, वन, खनिज, मृदा, आईआईटी रुड़की, उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, पुनर्वास निदेशालय और टीएचडीसी इंडिया की एक संयुक्त टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण और मूल्यांकन करने के निर्देश दिए हैं।
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पुनर्वास विभाग के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि एक्सपर्ट कमेटी ने बीते बुधवार और बृहस्पतिवार को प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। बुधवार को नंदगांव में वीरेंद्र दत्त नौटियाल, पिपोला-ढुंग के 13 आवासीय भवनों और पिलखी में राम प्रसाद नौटियाल के भवन का निरीक्षण किया गया। झील के कारण परिसंपत्तियों को कितना नुकसान हुआ है।
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बृहस्पतिवार को समिति ने थौलधार ब्लॉक के ग्राम सौड़ उप्पू, जिले के चिन्यालीसौड़ पीपलमंडी का सर्वेक्षण और डोभन गांव का सीमांकन कराया। ईई ने बताया कि प्रभावित काश्तकारों ने समिति को अपनी समस्याएं बताते हुए पुनर्वास करने की मांग की। ईई ने बताया कि समिति जल्द रिपोर्ट तैयार कर का डीएम/पुनर्वास निदेशक को सौंपेगी। कमेटी में आईआईटी रुड़की के प्रो. शिव कृष्णन शिवा सुब्रहमणयम, जीएसआई के मोहम्मद अहमद, खनन एवं भूतत्व विभाग के सहायक भू-वैज्ञानिक प्रदीप कुमार, सर्वे आफ इंडिया के उप निदेशक रविंद्र सिंह रावत, यूसैक की वैज्ञानिक डॉ. अरुणा रानी शामिल है।