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समीर रतूड़ी ने जेल में शुरू किया अनशन
नई टिहरी
Updated Mon, 22 Feb 2016 09:01 PM IST
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टिहरी जिला जेल में बंद हिमालय बचाओ आंदोलन के समीर रतूड़ी ने सोमवार से अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने सरकार से मलेथा आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, हनुमंत राव कमेटी की संस्तुति पर टिहरी और श्रीनगर बांध प्रभावितों को निशुल्क बिजली देने, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार हल चलाने वाले किसानों को मानदेय देने और भांग की खेती का शासनादेश रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
मलेथा में क्रेशर नहीं लगाने की मांग को लेकर छह जून 2015 और 11 जून को स्थानीय लोगों ने ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगाया था। राजमार्ग जाम करने वाले 40 आंदोलनकारियों पर पुलिस ने शांति भंग करने और वाहन चालकों से मारपीट करने का मुकदमा दर्ज किया था। आंदोलनकारी समीर रतूड़ी को न्यायालय की ओर से समन जारी किया गया था। न्यायालय में जमानत नहीं कराने पर 19 फरवरी को उन्हें जेल भेज दिया गया। रतूड़ी ने कहा कि मलेथा आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया था। सात माह बीतने के बाद भी मुकदमे वापस नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार पर कोरी घोषणाएं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हो जाती है, तब तक वे जेल में अनशन जारी रखेंगे।
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मलेथा में क्रेशर नहीं लगाने की मांग को लेकर छह जून 2015 और 11 जून को स्थानीय लोगों ने ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगाया था। राजमार्ग जाम करने वाले 40 आंदोलनकारियों पर पुलिस ने शांति भंग करने और वाहन चालकों से मारपीट करने का मुकदमा दर्ज किया था। आंदोलनकारी समीर रतूड़ी को न्यायालय की ओर से समन जारी किया गया था। न्यायालय में जमानत नहीं कराने पर 19 फरवरी को उन्हें जेल भेज दिया गया। रतूड़ी ने कहा कि मलेथा आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया था। सात माह बीतने के बाद भी मुकदमे वापस नहीं लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार पर कोरी घोषणाएं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हो जाती है, तब तक वे जेल में अनशन जारी रखेंगे।
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