नरेंद्रनगर ब्लॉक क्षेत्र में बीती रात और बुधवार दिनभर हुई मूसलाधार बारिश से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से मंज्याड़ी, पाटल और लोयल गांव के लोगों की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि मलबा घुसने से बर्बाद हो गई। वहीं दोगी पट्टी के कई गांवों में खेतों में खड़ी फसल, पैदल मार्ग, पेयजल लाइनों, विद्यालय भवन पानी व मलबा भरने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मंज्याड़ी गांव के अंतर्गत तिमली (टोलकी) स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुश्ता मलबे में दबा गया।
लोयल गांव के अंतर्गत कुंड्या तोक में कर्ण सिंह राणा का मकान ढहने से मकान के अंदर बंधी एक बकरी मलबे में दब गए। गांव के लोगों में दहशत बनी हुई है। प्रधान राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बारिश के बाद भूस्खलन से कई घरों पर दरारें पड़ गई हैं। खेतों में भारी मात्रा में मलबा घुस गया है। गांव के सोबन सिंह, सरोप सिंह, उत्तम सिंह, रिखुली देवी के मकान खतरे की जद में हैं। उक्रांद के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर ने प्रशासन से दोगी पट्टी क्षेत्र के गांवों में आपदा से हुए नुकसान का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देेने की मांग की है। एसडीएम युक्ता मिश्र ने बताया कि बारिश से मंज्याड़ी, लोयल और पाटल गांव में कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है। राजस्व कर्मियों को क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के मूल्यांकन कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।