फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   have to go 30 km for cremation

अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ रहा 30 किमी दूर

Sat, 30 Jan 2016 06:44 PM IST
नई टिहरी
नई टिहरी Updated Sat, 30 Jan 2016 06:44 PM IST
विज्ञापन
टिहरी बांध की झील में डूब चुके शवदाह केंद्रों के स्थान पर नए घाटों का निर्माण नहीं होने से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए 20 से 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कर कोटीकालोनी और जीरो ब्रिज जाना पड़ता है। टीएचडीसी प्रशासन टिहरी बांध समन्वय समिति के निर्माण के बाद भी शवदाह केंद्रों के निर्माण के लिए धनराशि पुनर्वास निदेशालय को उपलब्ध नहीं करवा रहा है।
विज्ञापन

वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील बनने के कारण प्रतापनगर, जाखणीधार, भिलंगना, थौलधार और चंबा ब्लाक के निवासियों के पैतृक घाट डूब चुके हैं, जिससे बांध प्रभावितों को अंतिम संस्कार में परेशानियां उठानी पड़ रही है। झील क्षेत्र के आसपास घाट नहीं होने से बांध प्रभावितों को 20 से 30 किमी की अतिरिक्त दूरी तय कोटीकालोनी और जीरो ब्रिज जाना पड़ रहा है। वर्ष 2010 में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के ओर से किए गए आंदोलन के कारण टीएचडीसी ने कच्चे घाटों और रास्तों के निर्माण के लिए करीब 80 लाख रुपये पुनर्वास को दिए थे, लेकिन आपदा के कारण बढ़े झील के जलस्तर से घाट और रास्ते बह गए। वर्ष 2011 की टिहरी बांध पुनर्वास समन्वय समिति की बैठक में 23 पक्के घाट और रास्तों के निर्माण का निर्णय लिया गया था। बावजूद टीएचडीसी ने पुनर्वास निदेशालय को बजट नहीं दिया, जिससे घाटों का निर्माण अटका पड़ा है।
विज्ञापन

कोट
टीएचडीसी की ओर से वर्ष 2010 में मिले धनराशि से कच्चे घाट और रास्तों का निर्माण किया गया था, लेकिन आपदा के कारण बह गए थे। इस दौरान मिली राशि से कोटीकालोनी में एक पक्के घाट का निर्माण किया जा रहा है, जबकि नौ घाटों के निर्माण के लिए टीएचडीसी को प्रस्ताव, इस्टीमेट भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-डीके सिंह, अधिशासी अभियंता अवस्थापना खंड पुनर्वास।
पुनर्वास को अब तक घाटों और रास्तों के निर्माण के लिए करीब 80 लाख दिए जा चुके हैं। टीएचडीसी ने कभी भी बजट देने के लिए इनकार नहीं किया है। नौ घाटों के निर्माण के लिए जल्द बजट जारी किया जाएगा।
-ओएस मोर्या, महाप्रबंधक टीएचडीसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed