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नशे के खिलाफ उतरे सड़क पर
ब्यूरो/अमर उजाला, टिहरी
Updated Sun, 20 Mar 2016 10:03 PM IST
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महिलाएं
- फोटो : Amar Ujala
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नशा नहीं रोजगार दो सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर रविवार को उत्तराखंड जन विकास परिषद के बैनर तले क्षेत्र के लोगों ने प्रदर्शन किया। एक घंटे तक अंग्रेजी शराब की दुकान को सांकेतिक रूप से बंद कराया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया। जुलूस में शामिल महिलाओं और पुरुषों ने शपथ ली कि जिस गांव में शादी-विवाह और धार्मिक कार्यक्रमों में कॉकटेल पार्टी होगी, वहां आयोजन का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
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उत्तराखंड जन विकास परिषद लंबे समय से भिलंगना ब्लॉक के गांवों में नशे के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चला रहा है। आंदोलन को धार देने के लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार को क्षेत्र की महिलाएं और पुरुष हनुमान मंदिर परिसर में एकत्रित हुए।
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वहां से उन्होंने बस अड्डे तक शराब बंदी, पलायन रोकने को कुटीर उद्योग खोलने, स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करने, रोजगार की नीति बनाने और जंगली जानवरों से खेती की सुरक्षा के लिए नीति बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। अंग्रेजी शराब की दुकान को एक घंटे तक सांकेतिक रूप से बंद कराया।
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बस अड्डे पर हुई सभा में महिलाओं ने कहा कि जब तक राज्य में शराब बंदी नहीं हो जाती है, तब तक उत्तराखंड को देवभूमि कहना न्याय संगत नहीं है। शादी समारोह और अन्य कार्यक्रमों में कॉकटेल पार्टी का प्रचलन बढ़ गया है।
परिषद के संयोजक चंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य में सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय गांव-गांवों में शराब की दुकान खोल कर पहाड़ को खोखला करने का प्रयास कर रही है। 27 मार्च को चमियाला में भी रैली निकाल कर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ओम प्रकाश डंगवाल, धर्म सिंह, केशर सिंह, नीलम, सुरीरा, रेखा डंगवाल, कृष्णा गैरोला, सरस्वती मैठाणी, विनयलक्ष्मी सेमवाल, सुंदर सिंह, तेजराम सेमवाल, केदार सिंह, श्रीराम सेमवाल, हीरामणी बिजल्वाण, गोविंद बड़ोनी, अरूणोदय नेगी, साहब सिंह कुमाईं, मनोज सिंह आदि शामिल थे।