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बर्ड फ्लू के कारण मुर्गी पालक परेशान
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बर्ड फ्लू के कारण मुर्गी पालक परेशान हैं। लॉकडाउन में बेरोजगार युवाओं और काश्तकारों को पशुपालन विभाग ने बड़ी संख्या में चूजे वितरित किए थे, जिससे कई लोगों ने पोल्ट्री फार्म खोलकर स्वरोजगार शुरू किया था। अब उन्हें डर है कि उनकी मुर्गियां भी फ्लू की चपेट में आ गई तो उन्हें खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोरोना संक्रमण के काल के लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों ने पशुपालन विभाग की पोल्ट्री फार्म योजना से जुड़कर जुलाई-अगस्त और दिसंबर माह में मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया था। इसके लिए जिले में 13 मदर पोल्ट्री फार्म बनाए गए। हालांकि अब चोपड़ा मदर पोल्ट्री फार्म में साढ़े चार हजार और नौली में करीब डेढ़ हजार चूजे थे। जबकि नौली, घनसाली, चमियाला, बडियारगढ़, नागणी, कुमाल्डा, कीर्तिनगर, मलेथा और नैनीसैण आदि हर पोल्ट्री फार्म में करीब पांच सौ से लेकर सात सौ तक मुर्गियां हैं। इसी तरह जिले के हर गांव में आठ-दस काश्तकारों को भी आय बढ़ाने के लिए 100-100 चूजे दिए गए थे लेकिन अब बर्ड फ्लू आने से सभी पोल्ट्री फार्म स्वामी और मुर्गी पालक चिंतित हैं।
निगरानी के लिए बनाई टीमें
बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाकर ब्लाक स्तर पर भी टीमें बनाई गई है। जिले में अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग ने जो चूजे बांटे हैं, वह राज्य के सरकारी कुक्कुट फार्म से ही वितरित किए गए हैं। कीर्तिनगर में जो मामला सामने आया है, उसकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में मिल जाएगी। - एचएस बिष्ट, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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कोरोना संक्रमण के काल के लॉकडाउन में गांव लौटे प्रवासियों ने पशुपालन विभाग की पोल्ट्री फार्म योजना से जुड़कर जुलाई-अगस्त और दिसंबर माह में मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया था। इसके लिए जिले में 13 मदर पोल्ट्री फार्म बनाए गए। हालांकि अब चोपड़ा मदर पोल्ट्री फार्म में साढ़े चार हजार और नौली में करीब डेढ़ हजार चूजे थे। जबकि नौली, घनसाली, चमियाला, बडियारगढ़, नागणी, कुमाल्डा, कीर्तिनगर, मलेथा और नैनीसैण आदि हर पोल्ट्री फार्म में करीब पांच सौ से लेकर सात सौ तक मुर्गियां हैं। इसी तरह जिले के हर गांव में आठ-दस काश्तकारों को भी आय बढ़ाने के लिए 100-100 चूजे दिए गए थे लेकिन अब बर्ड फ्लू आने से सभी पोल्ट्री फार्म स्वामी और मुर्गी पालक चिंतित हैं।
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निगरानी के लिए बनाई टीमें
बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाकर ब्लाक स्तर पर भी टीमें बनाई गई है। जिले में अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। विभाग ने जो चूजे बांटे हैं, वह राज्य के सरकारी कुक्कुट फार्म से ही वितरित किए गए हैं। कीर्तिनगर में जो मामला सामने आया है, उसकी रिपोर्ट दो-तीन दिन में मिल जाएगी। - एचएस बिष्ट, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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