फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   Europeans were not able to produce potatoes, showing the dream of vegetable

उद्यान विभाग ने समाप्त की धनोल्टी आलू फार्म की पहचान

Fri, 26 Aug 2022 09:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 26 Aug 2022 09:48 PM IST
विज्ञापन
Europeans were not able to produce potatoes, showing the dream of vegetable
आलू उत्पादन के लिए मशहूर उद्यान विभाग का आलू फार्म सालों से बंजर पड़ा हुआ है। इतना ही नहीं विभाग ने फार्म की जमीन जड़ीबूटी शोध संस्थान व बीज प्रमाणीकरण बोर्ड को दे दी है और अब बीच जमीन पर लोगों को हाईडेनसिट सेब व यूरोपियन सब्जी उत्पादन का सपना दिखा रहा है। वहीं लोगों का कहना है कि फर्मा में आलू उत्पादन बंद होने से उन्हें बीज के लिए भटकना पड़ता है।
विज्ञापन

राज्य बनने से पहले धनोल्टी आलू फार्म में कई क्विंटल आलू का उत्पादन किया जाता था। आसपास के गांवों के काश्तकार आलू के बीज के लिए फार्म पर ही निर्भर थे। फार्म ग्रामीणों के लिए रोजगार का भी बड़ा जरिया था लेकिन राज्य गठन के बाद फार्म में आलू उत्पादन बंद हो गया। उद्यान विभाग ने फार्म की 10.5 हेक्टेयर जमीन में से पांच हेक्टेयर जड़ीबूटी शोध संस्थान व एक हेक्टेयर बीज प्रमाणीकरण बोर्ड को दे दी है लेकिन वे इस जमीन पर कुछ खास नहीं कर पाए। अब एक साल पहले विभाग ने एक हेक्टेयर जमीन पर हाइडेनसिटी सेब लगाए हैं। बाकी बची करीब साढ़े चार हेक्टेयर जमीन पर अब कुछ निर्माण कार्य करने के साथ अब जापान इनिसिएटिव कारपोरेशन एजेंसी (जायका) के साथ मिलकर हाइडेनसिटी सेब लगाने और यूरोपियन सब्जी उत्पादन की योजना बना रहा है। धनोल्टी के प्रधान नीरज बेलवाल और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य तपेंद्र बेलवाल ने कहा कि विभाग ने आलू फार्म की जमीन की बंदरबांट कर बेशकीमती जमीन का अस्तित्व समाप्त कर दिया है। विभाग ने जिन फार्म को भी जमीन दी है वह भी अब कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
विज्ञापन

धनोल्टी फार्म में कुरमुला कीड़ा लगने से कुछ समय के लिए आलू का उत्पादन बंद किया गया था। विभाग के पास जो साढ़े चार हेक्टेयर जमीन बची है, उसको फिर से आबाद करने के लिए नवंबर-दिसंबर से निराई-गुड़ाई शुरू की जाएगी। उसके बाद आलू की बुवाई करने के साथ ही यूरोपियन सब्जी उत्पादन और हाइडेनसिटी प्रजाति सेब के और पेड़ भी लगाए जाएंगे। - प्रमोद त्यागी, जिला उद्यान अधिकारी, टिहरी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed