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Tehri News: नहर न बनने से सरोट और डोभन गांव के खेत हो गए बंजर
Wed, 01 Apr 2026 07:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Wed, 01 Apr 2026 07:29 PM IST
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चंबा-गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीणों की दो किमी लंबी नहर
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के सरोट और डोभन गांव की करीब दो किलोमीटर लंबी सिंचाई नहर चंबा-गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। नहर के नवनिर्माण और मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों की खेती बंजर पड़ गए हैं।
वर्ष 2010 चंबा-गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण कार्य होने के दौरान सरोट और डोभन गांव की सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने ग्रामीणों के सामने सिंचाई का संकट उत्पन्न होने लग गया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य ममता देवी, ग्राम प्रधान सरोट कविता देवी, प्रधान डोभन गीता देवी, पूर्व ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह राणा, बलदेव कुमाई, केदार सिंह पडियार, सुरेश नौटियाल, विनोद थपलियाल ने बताया कि वर्ष 2010 से पूर्व नहर से दोनों के गांव की करीब 300 नाली खेतों की सिंचाई होती थी लेकिन हाईवे के चौड़ीकरण से नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई।
ग्रामीणों ने कई बार स्वयं नहर की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया लेकिन धीरे-धीरे नहर की स्थिति और खराब होती गई। सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत और निर्माण गुहार लगाई लेकिन बजट न मिलने के कारण सिंचाई विभाग ने नहर की मरम्मत नहीं करवा पाया। नहर पर पानी न चलने से धीरे-धीरे ग्रामीणों ने खेती करना छोड़ दिया।
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उन्होंने बताया दोनों गांव के करीब 250 से अधिक परिवार खेतों में नकदी फसल और सीजन की फसल को उगा कर अपनी आजीविका चलते थे। डोभन गांव के काश्तकार मुकंदराम नौटियाल ने बताया कि सिंचाई के अभाव के कारण उनकी करीब 20 नाली खेती बंजर हो चुकी है जिसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ा है।
डोभन और सरोट गांव की दो किमी सिंचाई नहर के नवनिर्माण के लिए करीब तीन करोड़ का इस्टीमेट बनाकर पूर्व में शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलने के बाद ही नहर के नव निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गणेश प्रकार नौटियाल, ईई सिंचाई खंड प्रथम टिहरी।
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के सरोट और डोभन गांव की करीब दो किलोमीटर लंबी सिंचाई नहर चंबा-गंगोत्री हाईवे के चौड़ीकरण कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। नहर के नवनिर्माण और मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों की खेती बंजर पड़ गए हैं।
वर्ष 2010 चंबा-गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण कार्य होने के दौरान सरोट और डोभन गांव की सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त होने ग्रामीणों के सामने सिंचाई का संकट उत्पन्न होने लग गया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य ममता देवी, ग्राम प्रधान सरोट कविता देवी, प्रधान डोभन गीता देवी, पूर्व ग्राम प्रधान शूरवीर सिंह राणा, बलदेव कुमाई, केदार सिंह पडियार, सुरेश नौटियाल, विनोद थपलियाल ने बताया कि वर्ष 2010 से पूर्व नहर से दोनों के गांव की करीब 300 नाली खेतों की सिंचाई होती थी लेकिन हाईवे के चौड़ीकरण से नहर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई।
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ग्रामीणों ने कई बार स्वयं नहर की मरम्मत कर खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य किया लेकिन धीरे-धीरे नहर की स्थिति और खराब होती गई। सिंचाई विभाग से नहर की मरम्मत और निर्माण गुहार लगाई लेकिन बजट न मिलने के कारण सिंचाई विभाग ने नहर की मरम्मत नहीं करवा पाया। नहर पर पानी न चलने से धीरे-धीरे ग्रामीणों ने खेती करना छोड़ दिया।
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उन्होंने बताया दोनों गांव के करीब 250 से अधिक परिवार खेतों में नकदी फसल और सीजन की फसल को उगा कर अपनी आजीविका चलते थे। डोभन गांव के काश्तकार मुकंदराम नौटियाल ने बताया कि सिंचाई के अभाव के कारण उनकी करीब 20 नाली खेती बंजर हो चुकी है जिसका सीधा असर उनकी आजीविका पर पड़ा है।
डोभन और सरोट गांव की दो किमी सिंचाई नहर के नवनिर्माण के लिए करीब तीन करोड़ का इस्टीमेट बनाकर पूर्व में शासन को भेजा गया है। धनराशि मिलने के बाद ही नहर के नव निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
गणेश प्रकार नौटियाल, ईई सिंचाई खंड प्रथम टिहरी।