{"_id":"6741cce7ca5cf03d9b096a20","slug":"due-to-lack-of-doctor-phc-new-tehri-itself-is-in-a-sick-condition-tehri-news-c-50-1-sdrn1016-109811-2024-11-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: डॉक्टर के अभाव में पीएचसी नई टिहरी खुद ही बीमार हालत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: डॉक्टर के अभाव में पीएचसी नई टिहरी खुद ही बीमार हालत में
Sat, 23 Nov 2024 06:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 23 Nov 2024 06:09 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। जिला मुख्यालय पर बैठे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी भले ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चुस्त दुरुस्त होने का दावा करते हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही और अनदेखी के चलते जिला मुख्यालय नई टिहरी का अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद ही बीमार हालत में है। एक साल यह अस्पताल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जुकाम-बुखार के कई मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन अधिकतर समय डाॅक्टर नहीं मिलने के कारण उन्हें जिला अस्पताल बौराड़ी ही जाना पड़ता है।
पुरानी टिहरी डूबने से पहले नई टिहरी में लगभग 40 साल पहले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। एक साल पहले तक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और दवाई लेने के लिए प्रतिदिन 50 से 60 लोग पहुंचते थे। तब यहां एक डॉक्टर थे। गत वर्ष अक्तूबर में यहां कार्यरत डॉ. अंकित सैनी अवकाश लेकर पीजी की पढ़ाई करने चले गए। तब से यह अस्पताल एक मात्र फार्मासिस्ट के भरोसे ही चल रहा है।
डॉक्टर नहीं होने से अस्पताल में अब प्रतिदिन गिनती के 8 से 10 लोग ही बुखार, जुकाम और मरहम पट्टी कराने पहुंचते हैं। वहां कार्यरत पैथोलॉजी टेक्नीशियन को भी जिला अस्पताल बौराड़ी अटैच कर दिया गया है। अस्पताल के रखरखाव व अन्य कार्य के लिए कोई बजट नहीं आता है। इस अस्पताल के परिसर में खराब तीन एंबुलेंस जंग खा रही है। पूर्व सभासद चिरंजीव तिवारी, विक्रम सिंह कठैत का कहना है कि इस स्वास्थ्य केंद्र की तरफ किसी जनप्रतिनिधि का भी ध्यान नहीं जाता है। रंगाई, पोताई व मरम्मत न होने से अस्पताल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय में निवासरत अधिकतर लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल बौराड़ी ही जाते हैंं। जिला अस्पताल में सभी सुविधाएं हैं। अब नई टिहरी के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पैथोलॉजी जांच का कलेक्शन सेंटर बनाने पर कार्य चल रहा है। -डॉ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी
विज्ञापन
पुरानी टिहरी डूबने से पहले नई टिहरी में लगभग 40 साल पहले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई थी। एक साल पहले तक अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार और दवाई लेने के लिए प्रतिदिन 50 से 60 लोग पहुंचते थे। तब यहां एक डॉक्टर थे। गत वर्ष अक्तूबर में यहां कार्यरत डॉ. अंकित सैनी अवकाश लेकर पीजी की पढ़ाई करने चले गए। तब से यह अस्पताल एक मात्र फार्मासिस्ट के भरोसे ही चल रहा है।
विज्ञापन
डॉक्टर नहीं होने से अस्पताल में अब प्रतिदिन गिनती के 8 से 10 लोग ही बुखार, जुकाम और मरहम पट्टी कराने पहुंचते हैं। वहां कार्यरत पैथोलॉजी टेक्नीशियन को भी जिला अस्पताल बौराड़ी अटैच कर दिया गया है। अस्पताल के रखरखाव व अन्य कार्य के लिए कोई बजट नहीं आता है। इस अस्पताल के परिसर में खराब तीन एंबुलेंस जंग खा रही है। पूर्व सभासद चिरंजीव तिवारी, विक्रम सिंह कठैत का कहना है कि इस स्वास्थ्य केंद्र की तरफ किसी जनप्रतिनिधि का भी ध्यान नहीं जाता है। रंगाई, पोताई व मरम्मत न होने से अस्पताल जर्जर स्थिति में पहुंच गया है।
विज्ञापन
जिला मुख्यालय में निवासरत अधिकतर लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल बौराड़ी ही जाते हैंं। जिला अस्पताल में सभी सुविधाएं हैं। अब नई टिहरी के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को पैथोलॉजी जांच का कलेक्शन सेंटर बनाने पर कार्य चल रहा है। -डॉ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी