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Tehri News: मधुमक्खियां गायब, हाथियों को रोकने वाली बाड़ बनी शोपीस
Mon, 19 Oct 2026 07:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Mon, 19 Oct 2026 07:34 PM IST
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कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग की दुगड्डा रेंज से सटे आमसौड़ गांव में मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए बनाई गई 1.5 किलोमीटर लंबी मधुमक्खी बाड़ (बी-फेंसिंग) रखरखाव के अभाव में निष्प्रभावी हो गई है। करीब 10 लाख रुपये की लागत से तैयार इस तारबाड़ के बॉक्स मधुमक्खियों के अभाव में खाली पड़े हैं। वहीं, हाथियों के झुंड गांव में पहुंचकर काश्तकारों की फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
योजना के तहत बाड़ पर मधुमक्खियों के 98 बॉक्स लगाए गए थे। इसका उद्देश्य मधुमक्खियों की भिनभिनाहट और डंक के डर से हाथियों को खेतों और आबादी की ओर आने से रोकना था। साथ ही काश्तकारों की आजीविका में वृद्धि करना था, लेकिन उचित देखरेख और नियमित रखरखाव नहीं होने से बॉक्स में मधुमक्खियां डालने के कुछ दिन बाद ही गायब हो गईं।
सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि मधुमक्खियां गायब होने से लाखों रुपये की लागत से तैयार बी-फेंसिंग शोपीस बनकर रह गई है। पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड गांव के आसपास मंडरा रहा है।
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बॉक्स में मधुमक्खियों के छत्ते रखने के लिए उच्चाधिकारियों से बजट मांगा गया है। बजट उपलब्ध होने पर बॉक्स में दोबारा मधुमक्खियां रखी जाएंगी।
- रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंजर दुगड्डा।
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योजना के तहत बाड़ पर मधुमक्खियों के 98 बॉक्स लगाए गए थे। इसका उद्देश्य मधुमक्खियों की भिनभिनाहट और डंक के डर से हाथियों को खेतों और आबादी की ओर आने से रोकना था। साथ ही काश्तकारों की आजीविका में वृद्धि करना था, लेकिन उचित देखरेख और नियमित रखरखाव नहीं होने से बॉक्स में मधुमक्खियां डालने के कुछ दिन बाद ही गायब हो गईं।
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सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रमोहन जुयाल ने बताया कि मधुमक्खियां गायब होने से लाखों रुपये की लागत से तैयार बी-फेंसिंग शोपीस बनकर रह गई है। पिछले कई दिनों से हाथियों का झुंड गांव के आसपास मंडरा रहा है।
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बॉक्स में मधुमक्खियों के छत्ते रखने के लिए उच्चाधिकारियों से बजट मांगा गया है। बजट उपलब्ध होने पर बॉक्स में दोबारा मधुमक्खियां रखी जाएंगी।
- रमेश चंद्र सिंह नेगी, रेंजर दुगड्डा।