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Tehri News: ग्लेशियरों, स्रोतों और जैव विविधता की रक्षा के लिए सहभागिता जरूरी

Tue, 07 Oct 2025 05:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी Updated Tue, 07 Oct 2025 05:52 PM IST
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Collaboration is essential to protect glaciers, sources and biodiversity.
गंगी गांव में हुआ खतलिंग हिमालय जागरण यात्रा का समापन
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घनसाली (टिहरी)। पर्वतीय लोक विकास समिति, इंद्रमणि बडोनी कला एवं साहित्य मंच, देवलिंग खतलिंग पर्यटन विकास समिति और भिलंगना क्षेत्र विकास समिति की संयुक्त पहल पर आयोजित 41वीं खतलिंग हिमालय जागरण यात्रा संपन्न हो गई। यात्रा का समापन सीमांत गंगी गंगा में हुआ। यात्रा तीन अक्तूबर को दिल्ली से आरंभ हुई थी। हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और स्थानीय पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से यह यात्रा आयोजित की गई।
यात्रा को लेकर घनसाली में आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि खतलिंग यात्रा धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। यह यात्रा हिमालय की रक्षा और पहाड़ के भविष्य को सुरक्षित रखने का आंदोलन है। अधिवक्ता लोकेंद्र दत्त जोशी ने कहा कि खतलिंग यात्रा हमारे सांस्कृतिक अस्तित्व का हिस्सा है। इस यात्रा के माध्यम से संकल्प लेना चाहिए कि हिमालय की संवेदनशीलता और उसकी नाजुक पारिस्थितिकी को हर हाल में बचाना है।
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मुख्य वक्ता प्रो. सूर्य प्रकाश सेमवाल ने कहा खतलिंग यात्रा हिमालयी चेतना की प्रतीक है। स्व. इंद्रमणि बडोनी और स्व. सुंदरलाल बहुगुणा ने जिस आत्मनिर्भर, प्रकृति-संगत विकास का सपना देखा, उसे धरातल पर उतारने का यह बेहतर अवसर है। डॉ. रामकृष्ण भट्ट ने ग्लेशियरों, जलस्रोतों और जैव विविधता की रक्षा के लिए जनसहभागिता को आवश्यक बताया।
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वीर सिंह राणा ने कहा कि खतलिंग यात्रा पहाड़ की आत्मा है। जिसने दशकों से जनजागरण का कार्य किया है। तेजराम सेमवाल ने सीमांत गांवों को देश की सुरक्षा की पहली दीवार बताते हुए कहा कि यहां के लोगों का अस्तित्व ही सीमाओं की रक्षा है। यह यात्रा पिछले 41 वर्षों से हिमालयी जीवन, लोकसंस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आयोजित की जा रही है।

इस मौके पर कवि नरेंद्र सिंह नेगी गुंजन, बेलीराम कंसवाल, आर.बी. सिंह, केशर सिंह रावत, महेश्वर प्रसाद सेमवाल, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल, भीम सिंह रावत, कुंवर सिंह रावत, लोकेंद्र रावत, सुनीता रावत मौजूद आदि रहे।
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