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लंबे समय से निर्माणाधीन चांठी-डोबरा पुल के बनने के आसार आने लगे नजर
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प्रतापनगर के आवागनम को बनाए जा रहो चांठी-डोबरा पुल।
- फोटो : NEW TEHRI
बांध प्रभावित क्षेत्र प्रतापनगर के लोगों के आवागमन लिए वर्ष 2006 से निर्माणाधीन चांठी-डोबरा पुल का काम पूरे होने की उम्मीद जगी है। उम्मीद है कि अक्तूबर तक पुल की प्लेटें आपस में जुड़ जाएगी, जबकि 31 मार्च 2020 तक अन्य अवशेष कार्यों के निपटने के बाद पुल जनता को समर्पित किया जाएगा। वर्तमान में 88 में से 40 प्लेटों को जोड़ दिया गया है।
टिहरी बांध बनने के कारण अलग थलग पड़े प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी के करीब दो लाख आबादी के आवागमन को 14 साल से बन रहे चांठी-डोबरा पुल को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। लोनिवि की कार्यदायी संस्था प्रिल वीकेजेए एंड एमबीजड़ ने मुख्य पुल के डोबरा और चांठी साइड से पांच-पांच मीटर लंबी, आठ-आठ मीटर चौड़ी 20-20 प्लेटें (पैनल) और करीब 480 सस्पेंडर जोड़ दिए हैं, जबकि बाकी 48 प्लेटें और पांच सौ सस्पेंडरों को जोड़ने का काम चल रहा है। पुल के नटों के एडजेस्टमेंट, रैलिंग, पुथपाथ, सौंदर्यकरण समेत अन्य कार्य पूरे कर 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। पुल निर्माण पर करीब दो अरब 40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
झील के ऊपर आरएल 850 मीटर की ऊंचाई पर बने रहे पुल के 20-20 टन के 24 रस्सों (रोप), पांच-पांच मीटर के अंतराल में झील की तरफ क्लैंप, डोबरा साइड 260 मीटर की आरसीसी, चांठी की तरफ 25 मीटर एप्रोच पुल, 58-58 मीटर के चार टॉवरों का निर्माण और सात सौ मीटर कैटवॉक आदि काम किया जा चुका है। सहायक अभियंता विवेक कुमार सिंह का कहना है कि वर्तमान में चांठी और डोबरा से 20-20 प्लेटें जोड़ दी गई है। अक्तूबर तक पुल की सभी प्लेटों को जोड़ दिया जाएगा।
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टिहरी बांध बनने के कारण अलग थलग पड़े प्रतापनगर और उत्तरकाशी जिले के गाजणा पट्टी के करीब दो लाख आबादी के आवागमन को 14 साल से बन रहे चांठी-डोबरा पुल को जोड़ने का काम तेजी से चल रहा है। लोनिवि की कार्यदायी संस्था प्रिल वीकेजेए एंड एमबीजड़ ने मुख्य पुल के डोबरा और चांठी साइड से पांच-पांच मीटर लंबी, आठ-आठ मीटर चौड़ी 20-20 प्लेटें (पैनल) और करीब 480 सस्पेंडर जोड़ दिए हैं, जबकि बाकी 48 प्लेटें और पांच सौ सस्पेंडरों को जोड़ने का काम चल रहा है। पुल के नटों के एडजेस्टमेंट, रैलिंग, पुथपाथ, सौंदर्यकरण समेत अन्य कार्य पूरे कर 31 मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है। पुल निर्माण पर करीब दो अरब 40 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
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झील के ऊपर आरएल 850 मीटर की ऊंचाई पर बने रहे पुल के 20-20 टन के 24 रस्सों (रोप), पांच-पांच मीटर के अंतराल में झील की तरफ क्लैंप, डोबरा साइड 260 मीटर की आरसीसी, चांठी की तरफ 25 मीटर एप्रोच पुल, 58-58 मीटर के चार टॉवरों का निर्माण और सात सौ मीटर कैटवॉक आदि काम किया जा चुका है। सहायक अभियंता विवेक कुमार सिंह का कहना है कि वर्तमान में चांठी और डोबरा से 20-20 प्लेटें जोड़ दी गई है। अक्तूबर तक पुल की सभी प्लेटों को जोड़ दिया जाएगा।
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