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झाला में दो साल में भी पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं
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भिलंगना ब्लॉक में धर्म गंगा नदी पर झाला में बनाए जा रहे मोटर पुल का निर्माण कार्य दो साल से पूरा नहीं हो पाया है। पिंस्वाड़ और उरणी के ग्रामीण पिछले साल तक नदी में उफान आने पर लकड़ियों के सहारे बनाए गए नहरनुमा पुल पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर थे। जर्जर स्थिति में पहुंचने के कारण अब उसे भी बंद कर दिया गया है। अब ग्रामीणों को 12 किमी की दूरी पैदल नापनी पड़ेगी।
भिलंगना ब्लॉक में बूढ़ाकेदार-पिंस्वाड़ मोटर मार्ग पर झाला में बनाया गया मोटर पुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। पिंस्वाड़ और उरणी के ग्रामीण गरमियों के मौसम में पानी कम होने पर नदी से सफर कर रहे थे। बरसात में इमरजेंसी होने पर उफनती नदी से ही वाहन ले जाना पड़ता था। 2016 में जिला पंचायत ने झाला में लकड़ियों के सहारे नहरनुमा पुल बनाया। तब से पिंस्वाड़ और उरणी की डेढ़ हजार की आबादी बरसात में इस पुल पर जोखिम भरा सफर कर रही थी। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद मोटर पुल की स्वीकृति मिलने पर जुलाई 2019 में पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वो भी अब तक नहीं बन पाया है। पिंस्वाड़ के प्रधान दीपक जखेड़ी ने बताया कि नहरनुमा पुल जर्जर होने से उस पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है। बरसात के मौसम में नदी में उफान आने पर वाहनों का संचालन नदी से करना संभव नहीं है। ग्रामीणों को झाला में नदी पार कर 12 किमी पैदल ही आवागमन करना पड़ेगा।
झाला में निर्माणाधीन पुल का सिविल कार्य पूरा हो गया है। पुल का हिस्सा ऋषिकेश में बनाया जा रहा है। दिसंबर तक पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
-एमएस बिष्ट, ईई वेपकोस कंपनी।
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भिलंगना ब्लॉक में बूढ़ाकेदार-पिंस्वाड़ मोटर मार्ग पर झाला में बनाया गया मोटर पुल वर्ष 2013 की आपदा में बह गया था। पिंस्वाड़ और उरणी के ग्रामीण गरमियों के मौसम में पानी कम होने पर नदी से सफर कर रहे थे। बरसात में इमरजेंसी होने पर उफनती नदी से ही वाहन ले जाना पड़ता था। 2016 में जिला पंचायत ने झाला में लकड़ियों के सहारे नहरनुमा पुल बनाया। तब से पिंस्वाड़ और उरणी की डेढ़ हजार की आबादी बरसात में इस पुल पर जोखिम भरा सफर कर रही थी। ग्रामीणों के लंबे संघर्ष के बाद मोटर पुल की स्वीकृति मिलने पर जुलाई 2019 में पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया लेकिन वो भी अब तक नहीं बन पाया है। पिंस्वाड़ के प्रधान दीपक जखेड़ी ने बताया कि नहरनुमा पुल जर्जर होने से उस पर वाहनों का संचालन बंद कर दिया गया है। बरसात के मौसम में नदी में उफान आने पर वाहनों का संचालन नदी से करना संभव नहीं है। ग्रामीणों को झाला में नदी पार कर 12 किमी पैदल ही आवागमन करना पड़ेगा।
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झाला में निर्माणाधीन पुल का सिविल कार्य पूरा हो गया है। पुल का हिस्सा ऋषिकेश में बनाया जा रहा है। दिसंबर तक पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
-एमएस बिष्ट, ईई वेपकोस कंपनी।