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बर्फबारी से बुरांशखंडा के पास हो गया था बंद
चंबा (टिहरी)
Updated Sun, 14 Feb 2016 07:53 PM IST
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बर्फबारी से बंद चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर रविवार दोपहर बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो पाया, जिससे पर्यटकों ने राहत की सांस ली। भारी बर्फबारी होने से मार्ग शनिवार शाम को बुरांशखंडा के पास बंद हो गया था। काणाताल में स्थानीय लोगों ने सुबह ही बर्फ हटाकर यातायात शुरू कराया।
चंबा-मसूरी मोटर मार्ग शनिवार शाम को हुई भारी बर्फबारी से मोटर मार्ग बुरांशखंडा, ज्वारना, कद्दूखाल और काणाताल में बंद हो गया था। इसके चलते बर्फ की सूचना पर पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन रातभर जगह-जगह फंसे रहे। दूध के वाहन भी काणाताल और ज्वारना से आगे नहीं बढ़ सके। बर्फ में फंसे पर्यटकों को धनोल्टी में ही रुकना पड़ा। रविवार को चटख धूप खिलने के बाद पर्यटकों ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से काणाताल में बर्फ हटाकर अपने वाहनों को बाहर निकाला। बुरांशखंडा में दोपहर बाद पहुंची जेसीबी ने बर्फ हटाई, जिससे चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
15 किमी पैदल दूरी नापी परीक्षार्थियों ने
बर्फबारी से सड़क बंद होने के कारण रौतू की बेली, अलमस, भवान सहित कई गांवों के छात्रों ने सोमवार को होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए सुवाखोली से धनोल्टी तक 15 किमी दूरी पैदल नापनी पड़ी। छात्र एसके नेगी, विजय सिंह ने बताया कि करियर का सवाल होने के चलते उन्होंने सड़क खुलने में देरी की आशंका को देखते हुए पैदल दूरी नापना ही सही समझा।
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बस नहीं चलने से होटलों में नहीं पहुंचा दूध
चंबा-मसूरी मोटर मार्ग बंद होने के कारण टीजीएमओ की बस सेवा पूरी तरह से बंद रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं देहरादून से वाया मसूरी होकर चंबा पहुंचने वाली रोडवेज भी रास्ता बंद होने के कारण ऋषिकेश होते हुए चंबा पहुंची। दूध के वाहन बर्फ में फंसे रहने के कारण रविवार को कई होटलों में समय पर दूध की सप्लाई भी नहीं हो पाई।
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चंबा-मसूरी मोटर मार्ग शनिवार शाम को हुई भारी बर्फबारी से मोटर मार्ग बुरांशखंडा, ज्वारना, कद्दूखाल और काणाताल में बंद हो गया था। इसके चलते बर्फ की सूचना पर पहुंचे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन रातभर जगह-जगह फंसे रहे। दूध के वाहन भी काणाताल और ज्वारना से आगे नहीं बढ़ सके। बर्फ में फंसे पर्यटकों को धनोल्टी में ही रुकना पड़ा। रविवार को चटख धूप खिलने के बाद पर्यटकों ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से काणाताल में बर्फ हटाकर अपने वाहनों को बाहर निकाला। बुरांशखंडा में दोपहर बाद पहुंची जेसीबी ने बर्फ हटाई, जिससे चंबा-मसूरी मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई।
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15 किमी पैदल दूरी नापी परीक्षार्थियों ने
बर्फबारी से सड़क बंद होने के कारण रौतू की बेली, अलमस, भवान सहित कई गांवों के छात्रों ने सोमवार को होने वाली पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए सुवाखोली से धनोल्टी तक 15 किमी दूरी पैदल नापनी पड़ी। छात्र एसके नेगी, विजय सिंह ने बताया कि करियर का सवाल होने के चलते उन्होंने सड़क खुलने में देरी की आशंका को देखते हुए पैदल दूरी नापना ही सही समझा।
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बस नहीं चलने से होटलों में नहीं पहुंचा दूध
चंबा-मसूरी मोटर मार्ग बंद होने के कारण टीजीएमओ की बस सेवा पूरी तरह से बंद रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं देहरादून से वाया मसूरी होकर चंबा पहुंचने वाली रोडवेज भी रास्ता बंद होने के कारण ऋषिकेश होते हुए चंबा पहुंची। दूध के वाहन बर्फ में फंसे रहने के कारण रविवार को कई होटलों में समय पर दूध की सप्लाई भी नहीं हो पाई।