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Tehri News: मंजखेत-मौरियाणा सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से आक्रोश
Tue, 10 Dec 2024 04:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 10 Dec 2024 04:57 PM IST
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कंडीसौड़ (टिहरी)। मंजखेत-मौरियाणा सात किमी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने पर क्षेत्र के लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया है। सड़क का निर्माण नहीं होने से छह गांव के लोगों को दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जिससे क्षेत्र के लोगों को समय के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
मंजखेत-मौरियाणा सात किमी सड़क की स्वीकृति 2020 में मिली थी, लेकिन वन अधिनियम के आड़े आने से सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मंजखेत-मौरियाणा सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण मंजखेत, क्यारी, चापड़ा, अंधियारी, कांगडा, खिराणी गांव के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय कंडीसौड़ पहुंचने के लिए 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
मंजखेत के निवर्तमान रविंद्र सिंह राणा का कहना है कि क्षेत्रवासी लंबे समय से मोटर मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। वन भूमि की पत्रावली कई बार फाइल राज्य सरकार और भारत सरकार के नोडल अधिकारी कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, लेकिन बार-बार छोटी-छोटी आपत्तियां लगने से सड़क निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यदि शीघ्र ही मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली, तो नगुन पट्टी के लोग आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस बाबत लोनिवि चंबा के ईई जगदीश खाती ने बताया कि मंजखेत-मौरियाणा सड़क निर्माण करने के लिए वन भूमि का प्रस्ताव दो बार वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जा चुका है। शासन से सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा।
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मंजखेत-मौरियाणा सात किमी सड़क की स्वीकृति 2020 में मिली थी, लेकिन वन अधिनियम के आड़े आने से सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। मंजखेत-मौरियाणा सड़क का निर्माण नहीं होने के कारण मंजखेत, क्यारी, चापड़ा, अंधियारी, कांगडा, खिराणी गांव के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय कंडीसौड़ पहुंचने के लिए 10 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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मंजखेत के निवर्तमान रविंद्र सिंह राणा का कहना है कि क्षेत्रवासी लंबे समय से मोटर मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। वन भूमि की पत्रावली कई बार फाइल राज्य सरकार और भारत सरकार के नोडल अधिकारी कार्यालय को प्रेषित की जा चुकी है, लेकिन बार-बार छोटी-छोटी आपत्तियां लगने से सड़क निर्माण का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। यदि शीघ्र ही मोटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति नहीं मिली, तो नगुन पट्टी के लोग आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस बाबत लोनिवि चंबा के ईई जगदीश खाती ने बताया कि मंजखेत-मौरियाणा सड़क निर्माण करने के लिए वन भूमि का प्रस्ताव दो बार वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजा जा चुका है। शासन से सड़क निर्माण के लिए अनापत्ति मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया जाएगा।
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