बूढ़ाकेदार-अंयारखाल मोटर मार्ग पर हो रहे भूस्खलन से रगस्या गांव के सात आवासीय घर खतरे की जद में आ गए हैं। पुनर्वास न किए जाने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने जल्द पुनर्वास न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। साथ ही बुधवार को लोनिवि के अधिकारियों से मुलाकात कर भूस्खलन वाले स्थान पर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सुरक्षा दीवार निर्माण का लिखित आश्वासन दिया है।
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से बूढ़ाकेदार-अंयारखाल मोटर मार्ग पर रगस्या गांव में भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के कारण सड़क के ऊपर अलग-अलग स्थानों पर बसे मूर्ति लाल, उम्मेद लाल, गंगा लाल, रमेश कुमार, कुंवर लाल, तारा देवी, संजीव लाल के आवासीय घरों को खतरा उत्पन्न हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2000 और 2002 में भी इस क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था। इस पर जिला प्रशासन ने गांव का भू-गर्भीय सर्वे कराया था। सर्वे रिपोर्ट में गांव को भूस्खलन की दृष्टि से अतिसंवेदनशील बताया गया था। तब से वे पुनर्वास की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। बुधवार को पुनर्वास करने की मांग को लेकर ग्रामीण भूस्खलन वाले स्थान पर बूढ़ाकेदार-अंयारखाल मार्ग पर चक्का जाम करने पहुंचे। जाम की सूचना मिलते ही लोनिवि के जेई आंनद रतूड़ी मौके पर पहुंचा। उन्होंने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया कि सड़क किनारे भूस्खलन वाले स्थानों पर सुरक्षा दीवार बनाई जाए। इस मौके पर पूर्व विधायक भीम लाल आर्य, बीडीसी सदस्य अब्बल छनवाण, प्रधान अखिलेश, पूर्व प्रधान बावन सिंह बिष्ट आदि उपस्थित रहे।