सरकार ने उच्च गुणवत्तापरक शिक्षा देने के उद्देश्य से न्याय पंचायतस्तर पर आदर्श इंटरमीडिएट कालेजों को स्थापित किया था। कॉलेजों में शिक्षक से लेकर अन्य व्यवस्थाएं होनी थी।
सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार ने प्रतापनगर के इंटर कालेज को आदर्श इंटर कालेज के रूप में स्थापित किया है, लेकिन स्कूल में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का टोटा बना हुआ हैं। बीईओ प्रतापनगर सत्यपाल शर्मा के पास प्रधानाचार्य का अतिरिक्त चार्ज है। एलटी में कार्यरत एक मात्र अंग्रेजी के शिक्षक का ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि एलटी के छह पद पहले से ही रिक्त हैं। स्कूल में 300 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। अभिभावक संघ के अध्यक्ष कमलेश भट्ट, मोर सिंह पंवार, राजेंद्र पंवार, हरी पंवार, धनराज रावत, धर्म सिंह का कहना है कि जीआईसी प्रतापनगर केवल नाम का आदर्श विद्यालय है। पहले ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूल से कार्यरत शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया है, जिससे स्कूल में पठन-पाठन कार्य प्रभावित हुआ। डीईओ माध्यमिक शिव प्रसाद सेमवाल का कहना है कि ट्रांसफर निदेशालय स्तर से एक्ट के अनुसार हुए हैं। जीआईसी प्रतापनगर में कई पद रिक्त चल रहे हैं, जिसके संबंध में शासन को पत्र भेजा है। फिलहाल व्यवस्था के तौर पर आसपास के स्कूलों से शिक्षकों को भेजने का प्रयास किया जाएगा।