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त्रिपक्षीय वार्ता में नहीं निकल पाया कोई हल
Tehri
Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। घुत्तू जल विद्युत परियोजना के खिलाफ विधायक और ग्रामीणों का आमरण अनशन पांचवे दिन भी जारी रहा। मांगों के निराकरण को लेकर सोमवार को प्रशासन, ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधन के बीच हुई त्रिपक्षीय वार्ता भी विफल रही। जिसके बाद आंदोलनकारियों ने समस्याओं के निदान के लिए कंपनी के सीएमडी के आने तक तक अनशन जारी रखने का ऐलान किया है।
भिलंगना प्रखंड के घुत्तू में निर्मित 24.5 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीण विस्थापन, सिंचाई नहर और पैदल रास्तों की मरम्मत और पेयजल योजनाओं के निर्माण तथा भूमि के कटान-दबान के मुआवजे की मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जिसके निराकरण के लिए सोमवार को अनशन स्थल पर पहुंचे एसडीएम बृजेश तिवारी ने अनशन पर बैठे विधायक और ग्रामीणों तथा कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता कराने का प्रयास किया लेकिन विधायक भीमलाल आर्य कंपनी के सीएमडी को वार्ता के लिए बुलाने पर अडिग रहे। जिससे वार्ता का कोई निष्कर्ष नहीं निकला। मंगलवार को एसडीएम ने घुत्तू धरनास्थल पर पहुंचकर कंपनी प्रबंधन को दो-तीन दिन में कंपनी से सीएमडी को वार्ता के लिए बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सीएमडी वार्ता को नहीं पहुंचते हैं, तो कंपनी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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भिलंगना प्रखंड के घुत्तू में निर्मित 24.5 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीण विस्थापन, सिंचाई नहर और पैदल रास्तों की मरम्मत और पेयजल योजनाओं के निर्माण तथा भूमि के कटान-दबान के मुआवजे की मांग को लेकर पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जिसके निराकरण के लिए सोमवार को अनशन स्थल पर पहुंचे एसडीएम बृजेश तिवारी ने अनशन पर बैठे विधायक और ग्रामीणों तथा कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता कराने का प्रयास किया लेकिन विधायक भीमलाल आर्य कंपनी के सीएमडी को वार्ता के लिए बुलाने पर अडिग रहे। जिससे वार्ता का कोई निष्कर्ष नहीं निकला। मंगलवार को एसडीएम ने घुत्तू धरनास्थल पर पहुंचकर कंपनी प्रबंधन को दो-तीन दिन में कंपनी से सीएमडी को वार्ता के लिए बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही सीएमडी वार्ता को नहीं पहुंचते हैं, तो कंपनी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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