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नंदगांव के 47 परिवारों को पुनर्वास का इंतजार
नई टिहरी
Updated Fri, 15 Jan 2016 06:47 PM IST
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टिहरी बांध की झील से प्रभावित नंदगांव के ग्रामीणों ने पुनर्वास की कार्रवाई शुरू नहीं करने पर नाराजगी जताई है। कलक्ट्रेट परिसर में धरना देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन ने फरवरी 2013 को तीन माह में पुनर्वास का भरोसा दिया था, लेकिन तीन साल बाद भी 47 परिवारों का पुनर्वास नहीं किया गया है। उन्होंने एडीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि 15 दिन के भीतर पुनर्वास की कार्रवाई पूरी नहीं की गई, तो पुनर्वास निदेशालय पर अनशन किया जाएगा।
पुनर्वास निदेशालय बांध की झील से प्रभावित नंदगांव के 47 परिवारों का पुनर्वास नहीं कर रहा है, जिससे परेशान ग्रामीण आए दिन पुनर्वास निदेशालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं मांगों के निराकरण के लिए वह कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर हैं। आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने बताया कि 47 परिवार 2012 से विस्थापन के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास निदेशालय भूमि की कमी बताकर पल्ला झाड़ रहा है, जबकि 2013 से अब तक कई लोगों को भूमि आवंटित की गई है। कलक्ट्रेट परिसर में धरना देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि 15 दिन के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता है, तो उन्हें फिर से पुनर्वास निदेशालय पर बेमियादी अनशन शुरू करने को मजबूर होना पड़ेगा। धरना देने वालों में अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, गबर सिंह, जगदंबा सेमवाल, गोमती देवी, रुशना देवी, वीरा देवी और सकला देवी आदि शामिल थे।
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पुनर्वास निदेशालय बांध की झील से प्रभावित नंदगांव के 47 परिवारों का पुनर्वास नहीं कर रहा है, जिससे परेशान ग्रामीण आए दिन पुनर्वास निदेशालय के चक्कर काट रहे हैं। वहीं मांगों के निराकरण के लिए वह कलक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर हैं। आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने बताया कि 47 परिवार 2012 से विस्थापन के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास निदेशालय भूमि की कमी बताकर पल्ला झाड़ रहा है, जबकि 2013 से अब तक कई लोगों को भूमि आवंटित की गई है। कलक्ट्रेट परिसर में धरना देते हुए ग्रामीणों ने कहा कि 15 दिन के भीतर मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता है, तो उन्हें फिर से पुनर्वास निदेशालय पर बेमियादी अनशन शुरू करने को मजबूर होना पड़ेगा। धरना देने वालों में अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, गबर सिंह, जगदंबा सेमवाल, गोमती देवी, रुशना देवी, वीरा देवी और सकला देवी आदि शामिल थे।
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