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वेधशाला से मिलने लगेगी मौसम की सटीक जानकारी
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चंबा (टिहरी)। हिमालयी क्षेत्र के मौसम में होने वाले बदलावों का पता लगाना अब और आसान हो सकेगा। स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में स्थापित वेधशाला से मौसम में होने वाले बदलावों के आंकड़े मिलने शुरू हो गए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार एक साल के आंकड़ों के अध्ययन के बाद जल्द ही बारिश, बर्फबारी और मौसम साफ रहने का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। वेधशाला में हिमालयी क्षेत्र में बादलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक मशीनों के साथ ही एक मौसम केंद्र भी स्थापित किया गया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बादलों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और आईआईटी कानपुर के सहयोग से स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में वेधशाला स्थापित की गई है। देश में इस तरह की वेधशाला महाराष्ट्र के महाबलेश्वर (पुणे) में है। दूसरी चंबा के स्वामी रामतीर्थ परिसर में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थापित की गई है। वेधशाला में हिमालयी क्षेत्र में बादलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक मशीनों के साथ ही एक मौसम केंद्र भी स्थापित किया गया है। इसमें बरसात, हवा की गति और दिशा पर नजर रखी जाती है। एक साल पूर्व स्थापित किए गए वेधशाला से बारिश और बर्फबारी के दिनों में प्राप्त आंकड़ों का निरीक्षण किया गया। मौसम के बदलावों के दिनों में वेधशाला के आंकड़े मैच हो रहे हैं। अब वैज्ञानिक इस साल के बारिश, बर्फबारी के आंकड़ों को एकत्र कर रहे हैं। इन सभी आंकड़ों की डिटेल रिपोर्ट के आधार पर पूर्वानुमान की स्थिति साफ हो जाएगी। मामले में स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल के निदेशक प्रो. आरसी रमोला और प्रोजेक्ट समन्वयक डा. आलोक सागर गौतम का कहना है कि वेधशाला से बारिश, बर्फबारी के दिनों के सही आंकड़े मिलने लगे हैं। इस सीजन में मौसमी बदलावों के सभी आंकड़ों को एकत्र करने के बाद विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद मौसम का सटीक पूर्वानुमान अनुमान लगाया जा सकेगा।
पहाड़ी क्षेत्रों में बादलों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और आईआईटी कानपुर के सहयोग से स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में वेधशाला स्थापित की गई है। देश में इस तरह की वेधशाला महाराष्ट्र के महाबलेश्वर (पुणे) में है। दूसरी चंबा के स्वामी रामतीर्थ परिसर में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थापित की गई है। वेधशाला में हिमालयी क्षेत्र में बादलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाईटेक मशीनों के साथ ही एक मौसम केंद्र भी स्थापित किया गया है। इसमें बरसात, हवा की गति और दिशा पर नजर रखी जाती है। एक साल पूर्व स्थापित किए गए वेधशाला से बारिश और बर्फबारी के दिनों में प्राप्त आंकड़ों का निरीक्षण किया गया। मौसम के बदलावों के दिनों में वेधशाला के आंकड़े मैच हो रहे हैं। अब वैज्ञानिक इस साल के बारिश, बर्फबारी के आंकड़ों को एकत्र कर रहे हैं। इन सभी आंकड़ों की डिटेल रिपोर्ट के आधार पर पूर्वानुमान की स्थिति साफ हो जाएगी। मामले में स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल के निदेशक प्रो. आरसी रमोला और प्रोजेक्ट समन्वयक डा. आलोक सागर गौतम का कहना है कि वेधशाला से बारिश, बर्फबारी के दिनों के सही आंकड़े मिलने लगे हैं। इस सीजन में मौसमी बदलावों के सभी आंकड़ों को एकत्र करने के बाद विश्लेषण किया जाएगा। इसके बाद मौसम का सटीक पूर्वानुमान अनुमान लगाया जा सकेगा।
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