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आयुर्वेदिक औषधालयों में दो माह से नहीं दवाइयां
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नई टिहरी। आयुर्वेद को बढ़ावा देने की मुहिम को विभाग ही पलीता लगा रहा है। जिले के आयुर्वेदिक अस्पतालों में दो माह से दवाई नहीं है। जिले के करीब 65 आयुर्वेदिक औषधालय, 14 आयुष्मान विंग और पांच से अधिक पंचकर्मा सेंटरों में हर दिन दर्जनों मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बाजार से मंहगी दवा खरीदनी पड़ रही है।
एलोपैथिक अस्पतालों में मरीजों का दबाव कम करने के लिए सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है। लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधा देने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आयुर्वेदिक औषधालय और आयुषविंग के साथ ही पंचकर्मा सेंटर खोले गए हैं, जहां हर दिन दर्जनों लोग इलाज को पहुंचते हैं। औषधालयों और आयुष विंग में करीब दो माह से दवाई नहीं है। मीना देवी ने बताया कि बौराड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाई नहीं मिली, तो उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. कृष्ण लाल का कहना है कि आयुर्वेदिक दवाई की सप्लाई अलग-अलग जगहों से होती है। नरेंद्रनगर स्टोर में सभी दवाई पहुंच गई है।
एलोपैथिक अस्पतालों में मरीजों का दबाव कम करने के लिए सरकार आयुर्वेद को बढ़ावा दे रही है। लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधा देने के लिए जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आयुर्वेदिक औषधालय और आयुषविंग के साथ ही पंचकर्मा सेंटर खोले गए हैं, जहां हर दिन दर्जनों लोग इलाज को पहुंचते हैं। औषधालयों और आयुष विंग में करीब दो माह से दवाई नहीं है। मीना देवी ने बताया कि बौराड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाई नहीं मिली, तो उन्हें बाजार से खरीदनी पड़ी। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. कृष्ण लाल का कहना है कि आयुर्वेदिक दवाई की सप्लाई अलग-अलग जगहों से होती है। नरेंद्रनगर स्टोर में सभी दवाई पहुंच गई है।
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