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पालीटेक्नीक का 12 साल बाद भी नहीं बन पाया भवन
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प्रतीकात्मक
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नई टिहरी। राजकीय पालीटेक्निक कालेज को 12 साल बाद भी अपना भवन नसीब नहीं हो पाया है। भवन निर्माण के नाम पर वर्ष 2016 में बालमा गांव में शिलान्यास हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य इससे आगे नहीं बढ़ पाया है।
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नई टिहरी पालीटेक्निक को 2006 में स्वीकृति मिली थी। शुरूआती दौर में तीन साल तक पालीटेक्निक नरेंद्रनगर के संस्थान के साथ ही संचालित हुआ। इसके बाद अगस्त 2009 में नरेंद्रनगर से पालीटेक्निक को चंबा में पुराने राजकीय महाविद्यालय के भवन पर शिफ्ट किया गया, जहां सिर्फ इलेक्ट्रिकल्स ट्रेड ही संचालित किया गया। चंबा बादशाहीथौल में उक्त भवन पर श्रीदेव सुमन विवि खुलने पर पालीटेक्निक को सितंबर 2013 को वहां से प्रताप इंटर कालेज बौराड़ी के कुछ कक्ष-कक्षों में पालीटेक्निक शिफ्ट हुआ।
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बमुश्किल प्रशासन 2016 में जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर बालमा गांव में 2.706 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध करवाई थी। नाबार्ड ने भवन निर्माण हेतु पांच करोड़ 89 करोड़ स्वीकृत कर पहली किश्त के रूप में यूपी निर्माण निगम देहरादून को दो करोड़ रुपये दिए थे। वर्ष 2016 में भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास भी हुआ था। बावजूद तीन साल बाद भी भवन निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। कार्य शुरू न होने के पीछे कार्यदायी संस्था तर्क दे रही है कि जिस स्थान पर भवन बनना है, इसके ऊपर हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। निर्माण निगम के एई डीपी टोडरिया का कहना है कि भूमि का नए सिरे से सर्वे किया जा चुका है। अब टुकड़े-टुकडे में भवन निर्माण शुरू किया जाएगा। प्रधान विक्रम तोपवाल, जगदंबा बेलवाल, विजयवीर पंवार, रतन दास, सुरेंद्र सिंह आदि ने जल्द निर्माण शुरू करने की मांग की।
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हाइटेेंशन लाइन से लेकर अन्य भूमि संबंधी विवाद सुलझाए बिना पालीटेक्निक भवन का शिलान्यास कर दिया गया है, जिससे तीन साल बाद भी भवन निर्माण शुरू नही हो पाया। चुनाव आचार संहिता निपटने के बाद ग्रामीणों के साथ बैठक कर आ रही दिक्कत को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-धन सिंह नेगी, विधायक टिहरी।