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शास्त्रीय गायन व वादन की दी प्रस्तुति
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नई टिहरी। संस्कृति मंत्रालय केंद्र सरकार की पहल पर शास्त्रीय गायक डा. विकास फोंदणी के निर्देशन में विवेक मेमोरियल सुरगंगा संगीत विद्यालय में आयोजित तीन माह की शास्त्रीय संगीत कार्यशाला का समापन हुआ।
गीता भवन बौराड़ी में विधायक धन सिंह नेगी और पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली ने शास्त्रीय संगीत कार्यशाला का समापन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भेंट किए। विधायक ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से सांस्कृतिक शून्यता को खत्म करने के साथ ही युवाओं को मानसिक शांति के लिए संगीत सबसे सुलभ विद्या है। कार्यक्रम शुभारंभ पर वेदांशी सिलोड़ी, आदविका, अदिती नेगी ने सरस्वती वंदना कत्थक नृत्य से की। हिमानी सिलोड़ी, लाजवंती रौथान, राधा राणा, रुचि सेमवाल, रविना, आरीफा, आयुषी, निधी, ऋचा सकलानी, अर्जुन चंद्र, अमूल, आयुष, अभय प्रताप, भविष्य, अर्पित ने राग यमन में विलंबित खयाल मेरा मन बांध लीनो रे, द्रुत खयाल में अरी एरी आली पिया बिन, तराना, चतुरंग की प्रस्तुति दी। अरविंद कोहली, गोपी फोंदणी, दिव्या नेगी, दीक्षा नेगी, त्रिहरी नेगी, श्रेया, राधा राणा, नीलम ने कत्थक नृत्य, उपशास्त्रीय गायन में अंकित सेमवाल, मानसी, दीक्षा नेगी सविता, कविता, अनीशा, अमन, प्रियांशु, निहारिका, सोमेश, सलोनी, ऋषभ ने रंगी दादरा गायन शैली में सारी गुलाबी चुनरीया रे, इ सुंदर सारी मोरी, तेरे सुर और मेरे गीत की प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर विक्रम कठैत, रविंद्र सेमवाल, आंनद बेलवाल, कैलाश डंगवाल, कुलदीप सिंह, महीपाल नेगी, शगुप्ता परवीन, सुमित्रा फोंदणी, विद्या नेगी, उर्मिला राणा, चंद्रवीर नेगी, रणजीत नेगी, बीवी सिंह आदि मौजूद थे।
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गीता भवन बौराड़ी में विधायक धन सिंह नेगी और पालिकाध्यक्ष सीमा कृषाली ने शास्त्रीय संगीत कार्यशाला का समापन किया। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भेंट किए। विधायक ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से सांस्कृतिक शून्यता को खत्म करने के साथ ही युवाओं को मानसिक शांति के लिए संगीत सबसे सुलभ विद्या है। कार्यक्रम शुभारंभ पर वेदांशी सिलोड़ी, आदविका, अदिती नेगी ने सरस्वती वंदना कत्थक नृत्य से की। हिमानी सिलोड़ी, लाजवंती रौथान, राधा राणा, रुचि सेमवाल, रविना, आरीफा, आयुषी, निधी, ऋचा सकलानी, अर्जुन चंद्र, अमूल, आयुष, अभय प्रताप, भविष्य, अर्पित ने राग यमन में विलंबित खयाल मेरा मन बांध लीनो रे, द्रुत खयाल में अरी एरी आली पिया बिन, तराना, चतुरंग की प्रस्तुति दी। अरविंद कोहली, गोपी फोंदणी, दिव्या नेगी, दीक्षा नेगी, त्रिहरी नेगी, श्रेया, राधा राणा, नीलम ने कत्थक नृत्य, उपशास्त्रीय गायन में अंकित सेमवाल, मानसी, दीक्षा नेगी सविता, कविता, अनीशा, अमन, प्रियांशु, निहारिका, सोमेश, सलोनी, ऋषभ ने रंगी दादरा गायन शैली में सारी गुलाबी चुनरीया रे, इ सुंदर सारी मोरी, तेरे सुर और मेरे गीत की प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर विक्रम कठैत, रविंद्र सेमवाल, आंनद बेलवाल, कैलाश डंगवाल, कुलदीप सिंह, महीपाल नेगी, शगुप्ता परवीन, सुमित्रा फोंदणी, विद्या नेगी, उर्मिला राणा, चंद्रवीर नेगी, रणजीत नेगी, बीवी सिंह आदि मौजूद थे।
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