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मैंडखाल क्षेत्र के लिए पंपिग योजना बनाए सरकार
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कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में मैंडखाल क्षेत्र के दर्जनभर गांव के लोग पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांवों में मात्र एक-दो स्टैंड पोस्ट के भरोसे उनकी पानी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे क्षेत्र के लोग मलोगी गाड़ से कांगुड़ा लिफ्ट पेयजल योजना बनाने की मांग करते आ रहे हैं। सालभर पहले क्षेत्र भ्रमण के दौरान पेयजल मंत्री ने भी योजना जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक उस पर कोई कार्रवाई शुरू नहीं की जा रही है।
मैंडखाल बाजार सहित ग्राम धमाड़ी, पगारी, सेंदणा, भंडार्की, इडियान, मंजरूवाल गांव, पदोगी, मलोगी, नकोट और बगोड़ी आदि गांवों की पेयजल लाइन के स्रोत जवाब देने लगे हैं। गांवों में पेयजल व्यवस्था के नाम पर मात्र एक-दो स्टैंड पोस्ट ही लगे हैं, जिससे पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के महावीर सिंह सेनवाल, बचन सिंह पडियार, लता पडियार, कर्ण सिंह, दिलवर रावत, जबर सिंह, जगदीश भट्ट, प्रेमलाल जुयाल और शेर सिंह राणा ने बताया कि पेयजल मंत्री को पानी की समस्या बताने पर उन्होंने जल्द योजना को स्वीकृति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बाबत पेयजल निगम के ईई आलोक वर्मा ने कहा कि सरकार नई पंपिंग योजनाओं की स्वीकृति नहीं दे रही है।
पानी के लिए भटक रहे 250 परिवार
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के निवालगांव में निवासरत 250 परिवारों की प्यास बुझाने के लिए 1990 में बनी पेयजल योजना मरम्मत के अभाव में दम तोड़ चुकी है। दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लोग प्यास बुझा रहे हैं।
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निवालगांव के लुदर सिंह गुनसोला, हरि सिंह बिष्ट, सूरत सिंह बिष्ट, बादर सिंह पंवार, राम प्रसाद पैन्यूली का कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजना मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री से लेकर पेयजल मंत्री को ज्ञापन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। जल संस्थान के ईई अभिषेक वर्मा का कहना है कि निवालगांव की पेयजल योजना का संचालन ग्राम पंचायत खुद करती थी। ग्रामीणों की मांग पर निवालगांव के लिए एक हैंडपंप की गत वर्ष स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।
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मैंडखाल बाजार सहित ग्राम धमाड़ी, पगारी, सेंदणा, भंडार्की, इडियान, मंजरूवाल गांव, पदोगी, मलोगी, नकोट और बगोड़ी आदि गांवों की पेयजल लाइन के स्रोत जवाब देने लगे हैं। गांवों में पेयजल व्यवस्था के नाम पर मात्र एक-दो स्टैंड पोस्ट ही लगे हैं, जिससे पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। क्षेत्र के महावीर सिंह सेनवाल, बचन सिंह पडियार, लता पडियार, कर्ण सिंह, दिलवर रावत, जबर सिंह, जगदीश भट्ट, प्रेमलाल जुयाल और शेर सिंह राणा ने बताया कि पेयजल मंत्री को पानी की समस्या बताने पर उन्होंने जल्द योजना को स्वीकृति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस बाबत पेयजल निगम के ईई आलोक वर्मा ने कहा कि सरकार नई पंपिंग योजनाओं की स्वीकृति नहीं दे रही है।
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पानी के लिए भटक रहे 250 परिवार
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के निवालगांव में निवासरत 250 परिवारों की प्यास बुझाने के लिए 1990 में बनी पेयजल योजना मरम्मत के अभाव में दम तोड़ चुकी है। दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोत से पानी ढोकर लोग प्यास बुझा रहे हैं।
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निवालगांव के लुदर सिंह गुनसोला, हरि सिंह बिष्ट, सूरत सिंह बिष्ट, बादर सिंह पंवार, राम प्रसाद पैन्यूली का कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजना मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री से लेकर पेयजल मंत्री को ज्ञापन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। जल संस्थान के ईई अभिषेक वर्मा का कहना है कि निवालगांव की पेयजल योजना का संचालन ग्राम पंचायत खुद करती थी। ग्रामीणों की मांग पर निवालगांव के लिए एक हैंडपंप की गत वर्ष स्वीकृति मिल गई थी, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं हो पाया है।