{"_id":"5c0e9666bdec2241cf75e1b6","slug":"15444599185-new-tehri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडुवा और गुड के लड्डू खाकर बेटिया बनेगी सेहतमंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडुवा और गुड के लड्डू खाकर बेटिया बनेगी सेहतमंद
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:07 PM IST
विज्ञापन
नई टिहरी। एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही टिहरी जिले की छह हजार 607 बेटियों की जिला प्रशासन ने सेहत सुधारने का बीडा उठाया है। इन बेटियों को आयरन की गोलियों के बजाए मंडुवा और गुड़ से तैयार लड्डू तथा आंवले की कैंडी खिलाई जाएगी। बाल विकास विभाग, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डीएम ने यह जिम्मेदारी सौंपी है।
टिहरी जिले के 196 माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 12 हजार 929 किशोरियों का डेढ़ माह पहले स्वास्थ्य और बाल विकास विकास विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। परीक्षण के दौरान 6 हजार 607 बालिकाओं के शरीर में खून की मात्रा आठ से नौ ग्राम के बीच पाया गया। 155 बालिकाएं ऐसी हैं, जिनके शरीर में खून की सबसे ज्यादा कमी है। कीर्तिनगर ब्लॉक में आठ ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाली बालिकाओं की संख्या सर्वाधिक 29 हैं, जबकि प्रतापनगर में 24, जौनपुर में 22 बालिकाएं शामिल हैं।
रानीचौरी कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मंडुवा और गुड़ के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं, जो आयरन से भरपूर हैं। इसके अलावा बालिकाओं को आंवला की कैंडी भी दी जाएगी।
विज्ञापन
-सोनिका, डीएम टिहरी
मंडुवा और गुड़ के लड्डू तैयार करने के लिए कोटेशन मिल चुके हैं। एक लड्डू पर करीब दस रुपये का खर्च आ रहा है। डीएम ने स्वयं के संसाधनों से अभी लड्डू और आंवला कैंडी तैयार करवाया है। शासन से बजट की डिमांड के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना को शुरू करने के लिए चंबा ब्लॉक के स्कूलों में बाल विकास कार्यालय की ओर से लड्डू दिए जाएंगे। अगले सप्ताह से अभियान शुरू किया जा रहा।
-विक्रम सिंह, बाल विकास अधिकारी टिहरी
मंडुवा पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है। मंडुवे में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, आयोडीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जिससे हड्डियों को मजबूत करने में उपयोगी है। इसलिए इसे अनाजों का राजा भी कहा जाता है। गुड़ में आयरन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पाचन शक्ति को बढ़ाता है।
डा. कीर्ति कुमारी, वैज्ञानिक रानीचौरी कृषि विज्ञान केंद्र
विज्ञापन
टिहरी जिले के 196 माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 12 हजार 929 किशोरियों का डेढ़ माह पहले स्वास्थ्य और बाल विकास विकास विभाग ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। परीक्षण के दौरान 6 हजार 607 बालिकाओं के शरीर में खून की मात्रा आठ से नौ ग्राम के बीच पाया गया। 155 बालिकाएं ऐसी हैं, जिनके शरीर में खून की सबसे ज्यादा कमी है। कीर्तिनगर ब्लॉक में आठ ग्राम से कम हीमोग्लोबिन वाली बालिकाओं की संख्या सर्वाधिक 29 हैं, जबकि प्रतापनगर में 24, जौनपुर में 22 बालिकाएं शामिल हैं।
विज्ञापन
रानीचौरी कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मंडुवा और गुड़ के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं, जो आयरन से भरपूर हैं। इसके अलावा बालिकाओं को आंवला की कैंडी भी दी जाएगी।
विज्ञापन
-सोनिका, डीएम टिहरी
मंडुवा और गुड़ के लड्डू तैयार करने के लिए कोटेशन मिल चुके हैं। एक लड्डू पर करीब दस रुपये का खर्च आ रहा है। डीएम ने स्वयं के संसाधनों से अभी लड्डू और आंवला कैंडी तैयार करवाया है। शासन से बजट की डिमांड के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। योजना को शुरू करने के लिए चंबा ब्लॉक के स्कूलों में बाल विकास कार्यालय की ओर से लड्डू दिए जाएंगे। अगले सप्ताह से अभियान शुरू किया जा रहा।
-विक्रम सिंह, बाल विकास अधिकारी टिहरी
मंडुवा पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है। मंडुवे में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, आयोडीन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, जिससे हड्डियों को मजबूत करने में उपयोगी है। इसलिए इसे अनाजों का राजा भी कहा जाता है। गुड़ में आयरन की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो पाचन शक्ति को बढ़ाता है।
डा. कीर्ति कुमारी, वैज्ञानिक रानीचौरी कृषि विज्ञान केंद्र