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बैशाखियों के सहारे चल रही नगर पंचायतें

Sat, 20 Oct 2018 10:37 PM IST
Updated Sat, 20 Oct 2018 10:37 PM IST
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बैशाखियों के सहारे चल रही नगर पंचायतें

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कोटद्वार नगर निगम में पहली बार होगा मतदान
गढ़वाल में नौ नगर पंचायत, दो पालिकाओं में वोटर पहली बार करेंगे मताधिकार का प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़वाल। टिहरी में पहली बार चार नगर पंचायतें घनसाली, चमियाला, लंबगांव व गजा और दो पालिकाएं चंबा देवप्रयाग में अस्तित्व में आई है। वहीं पौड़ी जिले में सतपुली, रुद्रप्रयाग में तिलवाड़ा, उत्तरकाशी में नौगांव और चमोली जिले में थराली पीपलकोटी में लोग पहली बार नगर पंचायत चुनाव में वोट डालेंगे।


बैशाखियों के सहारे चल रही नगर पंचायतें
नई टिहरी। टिहरी जिले में पहली बार चार नगर पंचायतें अस्तित्व में आई है, जबकि चंबा और देवप्रयाग नगर पंचायत को पालिका का दर्जा मिला है। नगर पंचायत और पालिका के नए अध्यक्षों के सामने कूड़ा निस्तारण, पार्किंग स्थलों और संपर्क मार्गों का निर्माण करना सबसे बड़ी चुनौती है। सरकार ने घनसाली, चमियाला, लंबगांव और गजा ग्रामीण बाजारों को नगर पंचायत का दर्जा तो दे दिया है, लेकिन संसाधनों के अभाव में चारों नगर पंचायतें बैशाखियों के सहारे चल रही है। किराए के भवनों पर संचालित हो रही नगर पंचायतों में अधिशासी अधिकारियों के अलावा एक भी स्थायी कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई है। नगर पंचायत और पालिका क्षेत्रों में कहीं भी ट्रेचिंग ग्राउंड नहीं है। पार्किंग नहीं होने से लंबगांव, घनसाली, चमियाला और गजा बाजारों में हर दिन लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। घनसाली नगर पंचायत में 4171, चमियाला में 3203, लंबगांव में 1346 और गजा नगर पंचायत में 1743 मतदाता पहली बार अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पदों के लिए मतदान करेंगे। चंबा पालिका में 8370 और देवप्रयाग में 1926 मतदाता हैं।
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सतपुली में यातायात और सफाई व्यवस्था चुनौती
पौड़ी। जिले में इस बार सतपुली ग्राम पंचायत से नगर पंचायत बनी है। यहां यातायात और सफाई व्यवस्था नए अध्यक्ष के लिए चुनौती होगी। वहीं पालिका से नगर निगम बने कोटद्वार में नियोजन व्यवस्था बड़ी चुनौती होगी। सतपुली में 2706 और नगर निगम कोटद्वार में सबसे अधिक 104108 मतदाता हैं। नगर पंचायत सतपुली एकेश्वर, द्वारीखाल, जयहरीखाल और कल्जीखाल विकासखंड का केंद्र है। नेशनल हाईवे कोटद्वार-पौड़ी मार्ग पर पड़ने वाली इस नगर पंचायत में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। जगह न होने से नगर पंचायत क्षेत्र में वाहनों का दबाव बना रहता है। आसपास पर्याप्त जगह न होने से नए पार्किंग स्थलों के बनने की संभावना भी बहुत कम है, जबकि नगर निगम बने कोटद्वार में कुछ नई ग्राम सभाओं को शामिल किया गया है, जहां नियोजन व्यवस्था नए अध्यक्ष के सामने चुनौती होगी।
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तिलवाड़ा में 1882 वोटर चुनेंगे पहला अध्यक्ष
रुद्रप्रयाग। जनपद में नगर पंचायत तिलवाड़ा में पहली बार वोट डाले जाएंगे। यह जिले में सबसे छोटा निकाय क्षेत्र है। चार वार्ड वाले नगर पंचायत में सिर्फ 1882 मतदाता हैं। नगर पंचायत में पथ प्रकाश, शौचालय, साफ-सफाई, राजीव गांधी आवास, पर्यटन, पैदल रास्ते, पर्यटक स्थल आदि मुद्दे प्रमुख है, जिन्हें पूरा करना अध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। नगर पंचायत में कुल आबादी 2398 में कुल 1882 मतदाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार की चुनौती
उत्तरकाशी/नौगांव। नवगठित नौगांव नगर पंचायत में पहली बार हो रहे निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं में खासा उत्साह है। सात अक्तूबर 2014 में नौगांव और इससे सटी मुराड़ी, मुंगरा एवं धारी ग्राम पंचायत को मिलाकर नौगांव नगर पंचायत का गठन किया गया था। तब से यह नगर पंचायत प्रशासक के हवाले थी। अब पहली बार यहां निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। करीब साढ़े सात हजार आबादी वाली नगर पंचायत में कुल 3459 मतदाता हैं।
यमुनोत्री धाम का प्रमुख पड़ाव होने के कारण नौगांव नगर में नागरिक सुविधाओं के साथ ही यात्रा सीजन में यात्रा व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नगर पंचायत पर रहती है। गांवों से शहर में कदम रख रहे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था, कचरा निस्तारण, नगर के आंतरिक मार्ग, पार्किंग के अभाव में यात्रा सीजन में यमुनोत्री हाईवे पर लगने वाले जाम के झाम आदि चुनौतियां नवनिर्वाचित बोर्ड के सामने होंगी। साथ ही राजस्व जुटाने के लिए कर निर्धारण में भी बोर्ड को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी।
इधर, पालिका बाड़ाहाट उत्तरकाशी में नगर से सटे जोशियाड़ा, लदाड़ी, तिलोथ आदि गांवों को भी शामिल किया गया है। अभी तक निकाय से बाहर होने के कारण इन गांवों में व्यवस्थाएं तो ग्राम पंचायतों वाली चल रही हैं, लेकिन आबादी के दबाव में ये शहर में तब्दील हो चुके हैं। इन क्षेत्रों में संपर्क मार्ग, गंदे पानी की निकासी आदि नागरिक सुविधाओं का विस्तार नवनिर्वाचित बोर्ड के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसी तरह बड़कोट नगर पालिका में भी आसपास के कुछ ग्रामीण क्षेत्र शामिल हुए हैं।



पीपलकोटी और थराली में पहली बार होंगे चुनाव
गोपेश्वर। चमोली जिले में वर्ष 2016 में नगर पंचायत पीपलकोटी और थराली का सृजन हुआ। इन पंचायतों में पहली बार नगर पंचायत के चुनाव होंगे। नगर की सरकार से स्थानीय लोग भी कई उम्मीदें लगाए हुए हैं। इन दोनों नगर पंचायतों में सुचारु पेयजल आपूर्ति और नगर क्षेत्र में बेहतर ड्रेनेज सुविधा देने के साथ ही साफ-सफाई, पथ प्रकाश और आवाजाही के लिए सुगम रास्तों के निर्माण की चुनौति होगी। नगर पंचायत पीपलकोटी की जनसंख्या 2447 और थराली की 4482 है। पीपलकोटी दशोली ब्लॉक में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा का मुख्य पड़ाव है, जबकि थराली पिंडर घाटी में स्थित है। ड्रेनेज की सुविधा न होने से बारिश होने पर गंदा पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नए नगर पंचायत अध्यक्ष से लोगों को बेहतर ड्रेनेज सुविधा की उम्मीद है। पीपलकोटी क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था न होने से लोगों के साथ ही तीर्थयात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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