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एसआरटी परिसर के कर्मचारी बेमियादी हड़ताल पर
Updated Wed, 12 Sep 2018 10:04 PM IST
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चंबा (टिहरी)। लंबे समय से पदोन्नति, सीआरआर, एमएसीपी, बोनस, शिशु शिक्षण भत्ता और आवासों की मरम्मत करने सहित कई मांगों का निराकरण नहीं होने पर एसआरटी परिसर बादशाहीथौल के कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने परिसर बंद कराते हुए विवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मांगों पर जल्द कार्रवाई होने तक अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी है।
बुधवार सुबह एचएनबी केंद्रीय विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर के कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर के मुख्य गेट पर एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि सीआरआर, पदोन्नति, एमएसीपी, बोनस, शिशु शिक्षण भत्ता, आवासों की मरम्मत कराने के लिए कई बार विवि प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन विवि मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने परिसर बंद कराकर कार्य बहिष्कार किया।
कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष हरेंद्र भंडारी ने कहा कि विवि के जनवरी 2009 में केंद्रीय विवि बनने पर कर्मचारियों और छात्रों में उत्साह था कि अब विवि के स्तर में सुधार होगा, लेकिन स्थिति ठीक उसके विपरीत है। सचिव डा. दिनेश नेगी ने कहा कि केंद्रीय विवि बनने के बाद भी कर्मचारियों की पदोन्नति सहित कई समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। छात्र नेता अक्षत बिजल्वाण, प्रदीप सजवाण, हिमांशु रावत ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।
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प्रदर्शनकारियों में उषा नेगी, राकेश कोठारी, हंसराज बिष्ट, रमेश रतूड़ी, हीरालाल गैरोला, रामेश्वर रतूड़ी, राजेेंद्र कठैत, आरपी पांडेय, यशोदा भंडारी, सुदामा लाल, राजेंद्र सजवाण, महिपाल भंडारी, यशपाल नेगी, कृपाराम जोशी, धर्म सिंह पंवार, डा. मनोहर, डा. आशा, यशवंत सिंह रावत, उत्तम तोमर, आनंद मियां, मोहन सिंह, गौरव तड़ियाल आदि शामिल थे।
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बुधवार सुबह एचएनबी केंद्रीय विवि के स्वामी रामतीर्थ परिसर के कर्मचारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर के मुख्य गेट पर एकत्र हुए। वक्ताओं ने कहा कि सीआरआर, पदोन्नति, एमएसीपी, बोनस, शिशु शिक्षण भत्ता, आवासों की मरम्मत कराने के लिए कई बार विवि प्रशासन को अवगत कराया गया है, लेकिन विवि मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे गुस्साए कर्मचारियों ने परिसर बंद कराकर कार्य बहिष्कार किया।
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कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष हरेंद्र भंडारी ने कहा कि विवि के जनवरी 2009 में केंद्रीय विवि बनने पर कर्मचारियों और छात्रों में उत्साह था कि अब विवि के स्तर में सुधार होगा, लेकिन स्थिति ठीक उसके विपरीत है। सचिव डा. दिनेश नेगी ने कहा कि केंद्रीय विवि बनने के बाद भी कर्मचारियों की पदोन्नति सहित कई समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। छात्र नेता अक्षत बिजल्वाण, प्रदीप सजवाण, हिमांशु रावत ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है।
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प्रदर्शनकारियों में उषा नेगी, राकेश कोठारी, हंसराज बिष्ट, रमेश रतूड़ी, हीरालाल गैरोला, रामेश्वर रतूड़ी, राजेेंद्र कठैत, आरपी पांडेय, यशोदा भंडारी, सुदामा लाल, राजेंद्र सजवाण, महिपाल भंडारी, यशपाल नेगी, कृपाराम जोशी, धर्म सिंह पंवार, डा. मनोहर, डा. आशा, यशवंत सिंह रावत, उत्तम तोमर, आनंद मियां, मोहन सिंह, गौरव तड़ियाल आदि शामिल थे।