फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Tehri News ›   किसानों के सामने नई चुनौती, खेतों में बढ़ी नमी

किसानों के सामने नई चुनौती, खेतों में बढ़ी नमी

Sun, 02 Sep 2018 10:20 PM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
किसानों के सामने नई चुनौती, खेतों में बढ़ी नमी
चंबा (टिहरी)। लगातार हो रही बारिश ने चंबा-मसूरी फल पट्टी के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस वर्ष अधिक बारिश होने के कारण खेतों में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे किसान समय पर मटर की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बारिश रुके के बाद कम अवधि में पकने वाले बीजों की बुआई करने की सलाह दी है।
विज्ञापन

चंबा-मसूरी फलपट्टी के चोपड़ियाल गांव, जड़ीपानी, ठांगधार, काणाताल और सकलाना पट्टी के दर्जनों गांवों में मटर की खेती बड़ी मात्रा में की जाती है। टिहरी जिले मेें लगभग 11 सौ से लेकर 15 सौ हेक्टेयर भूमि में मटर की खेती प्रति वर्ष की जाती है। क्षेत्र की जलवायु के हिसाब से मटर की उन्नत खेती के लिए 15 से 30 अगस्त के बीच मटर की बुआई की जानी चाहिए, लेकिन अधिक बारिश से फलपट्टी क्षेत्र के खेतों में नमी की मात्रा अधिक बढ़ गई है। ऐसे में किसान खेतों में मटर की बुआई नहीं कर पा रहे हैं। काश्तकार जितेंद्र सिंह, खुशी राम डबराल, केशवानंद का कहना है कि सर्दियों में मटर का दाम अच्छा मिलता है। देर से बुवाई करने पर उचित तापमान न मिलने के कारण मटर का अच्छा दाना नहीं बन पाता है। किसानों को समस्या से निजात दिलाने के लिए कृषि विशेषज्ञों ने अर्किल प्रजाति की मटर की बुआई करने का सुझाव दिया है। इसके दाने मीठे होते हैं। इसमें बुआई के 55 से 65 दिन के भीतर फलियां तोड़ने लायक हो जाती हैं।
विज्ञापन


कोट
खेतों में नमी अधिक होने पर बीज खराब होने की आशंका रहती है। आने वाले सप्ताह में मौसम खुलने पर 15 सितंबर तक कम अवधि में पकने वाले अर्किल प्रजाति के मटर की बुआई काश्तकार कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-प्रकाश नेगी, तकनीकी अधिकारी औद्यानिकी एवं वानिकी विवि

इस वर्ष विभाग की ओर से लगभग 170 क्विंटल अर्किल और एपी थ्री प्रजाति की मटर का बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है। अर्किल और एपी थ्री प्रजाति का जो बीज किसानों को वितरित किया गया है, उसकी बुआई 15 सितंबर के बाद भी किसान कर सकते हैं।
डा. डीके तिवारी, जिला उद्यान अधिकारी टिहरी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed