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ब श्रीदेव सुमन विवि में पर्यावरण विज्ञान के अंक भी जुड़ेंगे
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:00 PM IST
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चंबा (टिहरी)। श्रीदेव सुमन विवि ने शिक्षा के पुराने ढर्रे को बदलते हुए इस शिक्षा सत्र से पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा के अंकों को कुल योग में जोड़ने का निर्णय लिया है। ऐसे में लाजमी है कि अब छात्रों को अच्छा परीक्षा परिणाम लाने के लिए पर्यावरण विज्ञान विषय के लिए भी अच्छी तैयारी करनी पड़ेगी।
श्रीदेव सुमन विवि में अभी तक पर्यावरण विज्ञान विषय क्वालीफाइंग कोर्स की तरह संचालित किया जाता था। पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा के अंक भी कुल योग में नहीं जुड़ते थे, जिससे छात्र पर्यावरण विज्ञान विषय को लेकर गंभीर नहीं दिखाई देते थे, लेकिन अब पर्यावरण विज्ञान विषय की महत्ता को देखते हुए श्रीदेव सुमन विवि ने सत्र 2018-19 से इसमें बदलाव किया है। इसके तहत पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा के अंक कुल योग में शामिल किए जाएंगे। बीए के छात्रों की पर्यावरण विज्ञान परीक्षा प्रथम सेमेस्टर में होगी, जबकि बीकॉम और बीएससी के छात्रों को द्वितीय सेमेस्टर में पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा अनिवार्य रूप से देनी होगी। विवि ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी बदलाव किया है। अभी तक परीक्षा में केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्न ही पूछे जाते थे, लेकिन अब इस विषय का प्रश्नपत्र भी अन्य विषयों की भांति ही तैयार किया जाएगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उच्च शिक्षा लेने वाले छात्र-छात्राएं पर्यावरण विज्ञान विषय की बारीकियों को समझकर भविष्य में प्रकृति संरक्षण की दिशा में भी समाज के लिए कुछ योगदान दे सकेंगे।
कोट
विवि ने इस सत्र से पर्यावरण विज्ञान विषय में काफी बदलाव किए हैं। इस विषय की परीक्षा के अंकों को कुल योग में जोड़ा जाएगा। पर्यावरण विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र भी अब वस्तुनिष्ठ की जगह अन्य विषयों की भांति ही तैयार किया जाएगा। प्रश्नपत्र सौ अंकों का होगा।
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-दिनेश चंद्रा, उपकुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि
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श्रीदेव सुमन विवि में अभी तक पर्यावरण विज्ञान विषय क्वालीफाइंग कोर्स की तरह संचालित किया जाता था। पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा के अंक भी कुल योग में नहीं जुड़ते थे, जिससे छात्र पर्यावरण विज्ञान विषय को लेकर गंभीर नहीं दिखाई देते थे, लेकिन अब पर्यावरण विज्ञान विषय की महत्ता को देखते हुए श्रीदेव सुमन विवि ने सत्र 2018-19 से इसमें बदलाव किया है। इसके तहत पर्यावरण विज्ञान विषय की परीक्षा के अंक कुल योग में शामिल किए जाएंगे। बीए के छात्रों की पर्यावरण विज्ञान परीक्षा प्रथम सेमेस्टर में होगी, जबकि बीकॉम और बीएससी के छात्रों को द्वितीय सेमेस्टर में पर्यावरण विज्ञान की परीक्षा अनिवार्य रूप से देनी होगी। विवि ने प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी बदलाव किया है। अभी तक परीक्षा में केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्न ही पूछे जाते थे, लेकिन अब इस विषय का प्रश्नपत्र भी अन्य विषयों की भांति ही तैयार किया जाएगा। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उच्च शिक्षा लेने वाले छात्र-छात्राएं पर्यावरण विज्ञान विषय की बारीकियों को समझकर भविष्य में प्रकृति संरक्षण की दिशा में भी समाज के लिए कुछ योगदान दे सकेंगे।
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कोट
विवि ने इस सत्र से पर्यावरण विज्ञान विषय में काफी बदलाव किए हैं। इस विषय की परीक्षा के अंकों को कुल योग में जोड़ा जाएगा। पर्यावरण विज्ञान विषय का प्रश्नपत्र भी अब वस्तुनिष्ठ की जगह अन्य विषयों की भांति ही तैयार किया जाएगा। प्रश्नपत्र सौ अंकों का होगा।
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-दिनेश चंद्रा, उपकुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि