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रेल लाइन को टिहरी और रूद्रप्रयाग की निजी भूमि का हुआ अधिग्रहण
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:36 PM IST
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नई टिहरी। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग 126 किमी रेल लाइन का काम एक कदम और आगे बढ़ गया है। मुख्य रेल लाइन के निर्माण में आने वाली टिहरी और रुद्रप्रयाग जिले के काश्तकारों की करीब 83 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण की जा चुका है। अब 15 दिन के अंदर प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा वितरण किया जाएगा। इन दोनों जिले में प्रभावित होने वाले ग्रामीणों को तीन अरब 33 करोड़ 16 की धनराशि प्रतिकर के रूप में बांटी गई है। साथ ही कौडिया, शिवपुरी में रेल लाइन को जोड़ने को सड़क और नैथाणा रेलवे स्टेशन से श्रीनगर पहुंचने को पुल की स्वीकृति भी मिल गई है।
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचाने की सरकार की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। चारों जिलों की 308.39 हेक्टेयर वन और 307.31 हेक्टेयर राजस्व भूमि का अधिग्रहण पहले ही की जा चुकी है। निजी भूमि का अधिग्रहण न होने से ढालवाला से आगे मुख्य रेल लाइन का काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब सरकार के निर्देश पर 15-16 मार्च को टिहरी के ढालवाला से नैथाणा तक आने वाली 12 गांव की 59.66 हेक्टेयर और यहां से आगे रुद्रप्रयाग जिले के 10 गांव की 23.454 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण होगी चुकी है। 15 दिन में मुआवजा दिया जाएगा। पौड़ी के 16 गांव के 37.517, चमोली के पांच गांव के 46.703 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण इसी माह हो जाएगा। टिहरी में दो अरब 28 करोड़ और एक अरब पांच करोड़ 16 लाख की धनराशि निजी प्रतिकर के रूप में काश्तकारों को दी गई। कीर्तिनगर के नैथाणा में रेलवे स्टेशन से श्रीनगर को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाला करीब चार सौ मीटर पुल भी रेलवे निगम ही बनाएगा।
टिहरी, रुद्रप्रयाग की निजी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। 15 दिन में प्रतिकर दे दिया जाएगा। रेलवे ने बनने वाले दस स्टेशनों को गढ़वाल की पौराणिक धरोहरों के आकार में बनाने का निर्णय लिया है।
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-डा. एसके बरनवाल, उपमहाप्रबंधक रेलवे।
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ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचाने की सरकार की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। चारों जिलों की 308.39 हेक्टेयर वन और 307.31 हेक्टेयर राजस्व भूमि का अधिग्रहण पहले ही की जा चुकी है। निजी भूमि का अधिग्रहण न होने से ढालवाला से आगे मुख्य रेल लाइन का काम शुरू नहीं हो पा रहा था। अब सरकार के निर्देश पर 15-16 मार्च को टिहरी के ढालवाला से नैथाणा तक आने वाली 12 गांव की 59.66 हेक्टेयर और यहां से आगे रुद्रप्रयाग जिले के 10 गांव की 23.454 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण होगी चुकी है। 15 दिन में मुआवजा दिया जाएगा। पौड़ी के 16 गांव के 37.517, चमोली के पांच गांव के 46.703 हेक्टेयर निजी भूमि अधिग्रहण इसी माह हो जाएगा। टिहरी में दो अरब 28 करोड़ और एक अरब पांच करोड़ 16 लाख की धनराशि निजी प्रतिकर के रूप में काश्तकारों को दी गई। कीर्तिनगर के नैथाणा में रेलवे स्टेशन से श्रीनगर को जोड़ने के लिए बनाए जाने वाला करीब चार सौ मीटर पुल भी रेलवे निगम ही बनाएगा।
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टिहरी, रुद्रप्रयाग की निजी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। 15 दिन में प्रतिकर दे दिया जाएगा। रेलवे ने बनने वाले दस स्टेशनों को गढ़वाल की पौराणिक धरोहरों के आकार में बनाने का निर्णय लिया है।
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-डा. एसके बरनवाल, उपमहाप्रबंधक रेलवे।