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संस्कृत नाटक ऊरुभंगम की शानदार प्रस्तुती
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:45 PM IST
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नई टिहरी। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से संस्कृत स्कूल के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत भाषा में ऊरुभंगम नाटक का मंचन किया। नाटक में महाभारत के युद्ध में दुर्योधन के अंतिम क्षणों की स्थिति का बेहतरीन मंचन किया गया।
प्रेस क्लब सभागार में आयोजित ऊरुभंगम संस्कृत नाटक का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने किया। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रही संस्कृत भाषा को बचाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। नाटक में कलाकारों ने महाभारत युद्ध में दुर्योधन के अंतिम क्षणों का मंचन किया, जिसमें दुर्योधन की जंघा पर भीम के प्रहार के बाद वह बुरी तरह से घायल हो जाता है और अपने किए पर पश्चाताप करते हुए अपने पुत्र से पांडवों के साथ बेहतर संवाद कायम करने का संदेश देता है। कलाकारों की भूमिका में गोपाल बडोनी, केशव नौटियाल, कृष्ण कांत, विमल सेमवाल, नरेंद्र गोदियाल, पंकज गोदियाल, सौरभ जोशी, विपिन चंद्र जोशी, अभिषेक पोखरियाल, सागर सुंदरियाल, अल्का पैन्यूली, बबीता, दीपशिखा और तनुजा पांडेय आदि थे।
इस मौके पर बद्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य दिनेश प्रसाद बडोनी, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा, प्रेसक्लब अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, शक्ति प्रसाद उनियाल, रवि शंकर, डा. हरीश चंद्र गुुरुरानी, किशोरी लाल रतूड़ी, डा. अजीत पंवार, दिनेश भट्ट, जय प्रकाश राणा, कुसुम शर्मा, राजेंद्र प्रसाद,अंकित बंठवाण, मानवेंद्र, चिरंजीव तिवाड़ी, वीरेंद्र उनियाल और वीरेंद्र बैंजवाल आदि मौजूद थे।
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प्रेस क्लब सभागार में आयोजित ऊरुभंगम संस्कृत नाटक का शुभारंभ पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने किया। उन्होंने कहा कि विलुप्त हो रही संस्कृत भाषा को बचाने के लिए विशेष प्रयास करने की जरूरत है। नाटक में कलाकारों ने महाभारत युद्ध में दुर्योधन के अंतिम क्षणों का मंचन किया, जिसमें दुर्योधन की जंघा पर भीम के प्रहार के बाद वह बुरी तरह से घायल हो जाता है और अपने किए पर पश्चाताप करते हुए अपने पुत्र से पांडवों के साथ बेहतर संवाद कायम करने का संदेश देता है। कलाकारों की भूमिका में गोपाल बडोनी, केशव नौटियाल, कृष्ण कांत, विमल सेमवाल, नरेंद्र गोदियाल, पंकज गोदियाल, सौरभ जोशी, विपिन चंद्र जोशी, अभिषेक पोखरियाल, सागर सुंदरियाल, अल्का पैन्यूली, बबीता, दीपशिखा और तनुजा पांडेय आदि थे।
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इस मौके पर बद्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य दिनेश प्रसाद बडोनी, राजकीय शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष रविंद्र राणा, प्रेसक्लब अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, शक्ति प्रसाद उनियाल, रवि शंकर, डा. हरीश चंद्र गुुरुरानी, किशोरी लाल रतूड़ी, डा. अजीत पंवार, दिनेश भट्ट, जय प्रकाश राणा, कुसुम शर्मा, राजेंद्र प्रसाद,अंकित बंठवाण, मानवेंद्र, चिरंजीव तिवाड़ी, वीरेंद्र उनियाल और वीरेंद्र बैंजवाल आदि मौजूद थे।
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