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महाशिवरात्रि पर्व पर बंजर खेतों को आबाद करने की पहल शुरू
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:24 PM IST
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घनसाली (टिहरी)। 10 वर्ष से बंजर पड़ी 400 नाली सिंचित कृषि भूमि को चानी गांव के ग्रामीणों ने फिर से आबाद करना शुरू कर दिया है, जिसके लिए पूरी ग्राम पंचायत के लोगों ने महाशिवरात्रि पर्व पर सामूहिक भूमि पूजन कर ट्रैक्टर से हल जोतना शुरू कर दिया है।
भिलंगना विकास खंड की बालगंगा नदी पर चानी चुरेणा में वर्ष 2005-6 में 3 मेगावाट के गुनसोला हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधक के बीच खेती की सिंचाई नहर तथा अन्य हक हकूकों को लेकर विवाद हो गया था। मामला बाद में उच्च न्यायालय तक जा पहुंचा था, जिसके बाद ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधक तथा प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। वाद उच्च न्यायालय में चलता रहा, बीते नवंबर में कोर्ट का फैसला आया कि हाइड्रो पॉवर प्रबंधक खेतों में जमी झाड़ियों को साफ कर सिंचाई के लिए आवश्यकतानुसार पानी दे, जिसके बाद ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधक के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया।
महाशिवरात्रि पर चानी गांव के 145 परिवारों के ग्रामीणों ने फिर से वर्ष 2005-6 से बंजर पड़ी 400 नाली के करीब सिंचित खेती पर ट्रैक्टर चला कर आबाद करना शुरू कर दिया है। चानी की फूलमाला देवी, बीना देवी, शिवि देवी, बरखा देवी, राजी देवी, प्रधान किशन सिंह रावत का कहना है कि जिन खेतों पर अन्न उगा कर हमने अपने बच्चों का भरण-पोषण कर आजीविका चलाई है, उन्हें जल विद्युत परियोजना के बनने के बाद बंजर देख कर मन उदास रहता था। गुनसोला हाइड्रो पांवर प्रोजेक्ट प्रबंधक रतन सिंह गुनसोला ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कंपनी ने ग्रामीणों की बंजर भूमि पर कृषि करने के लिए पांच लाख का भुगतान ग्राम पंचायत को बीते दिसंबर कर दिया गया था।
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भिलंगना विकास खंड की बालगंगा नदी पर चानी चुरेणा में वर्ष 2005-6 में 3 मेगावाट के गुनसोला हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान ग्रामीणों और कंपनी प्रबंधक के बीच खेती की सिंचाई नहर तथा अन्य हक हकूकों को लेकर विवाद हो गया था। मामला बाद में उच्च न्यायालय तक जा पहुंचा था, जिसके बाद ग्रामीणों, कंपनी प्रबंधक तथा प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता की कोशिश भी की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। वाद उच्च न्यायालय में चलता रहा, बीते नवंबर में कोर्ट का फैसला आया कि हाइड्रो पॉवर प्रबंधक खेतों में जमी झाड़ियों को साफ कर सिंचाई के लिए आवश्यकतानुसार पानी दे, जिसके बाद ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधक के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया।
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महाशिवरात्रि पर चानी गांव के 145 परिवारों के ग्रामीणों ने फिर से वर्ष 2005-6 से बंजर पड़ी 400 नाली के करीब सिंचित खेती पर ट्रैक्टर चला कर आबाद करना शुरू कर दिया है। चानी की फूलमाला देवी, बीना देवी, शिवि देवी, बरखा देवी, राजी देवी, प्रधान किशन सिंह रावत का कहना है कि जिन खेतों पर अन्न उगा कर हमने अपने बच्चों का भरण-पोषण कर आजीविका चलाई है, उन्हें जल विद्युत परियोजना के बनने के बाद बंजर देख कर मन उदास रहता था। गुनसोला हाइड्रो पांवर प्रोजेक्ट प्रबंधक रतन सिंह गुनसोला ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर कंपनी ने ग्रामीणों की बंजर भूमि पर कृषि करने के लिए पांच लाख का भुगतान ग्राम पंचायत को बीते दिसंबर कर दिया गया था।
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